सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति, 2023 में संशोधन को मंजूरी दी गई। सरकार के मुताबिक योजना के तहत महिलाओं के इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर एक लाख रुपए तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं, दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 12 हजार रुपए मिलेंगे। राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। सरकार के इस फैसले से इलेक्ट्रिक कार खरीदना कितना आसान होगा? योजना का लाभ कैसे उठा सकते हैं? इलेक्ट्रिक वाहन कितने फायदे का सौदा है? पढ़िए रिपोर्ट…। घट जाएगी इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने की लागत
पटना में अभी पेट्रोल की कीमत 105 रुपए प्रति लीटर है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही लड़ाई के चलते कच्चे तेल की कीमत बढ़ी है। आशंका है कि इसका असर पेट्रोल की कीमत पर आने वाले दिनों में पड़ेगा। पेट्रोल की बढ़ती कीमत देखते हुए नए खरीददार इलेक्ट्रिक कार और बाइक-स्कूटर की ओर आकर्षित हो रहे हैं, लेकिन अधिक कीमत इन्हें खरीदने में सबसे बड़ी बाधा है। बिहार सरकार द्वारा कार पर 1 लाख रुपए और बाइक-स्कूटी पर 12 हजार रुपए सब्सिडी देने से गाड़ी खरीदने की लागत घट जाएगी। इस समय करीब 10 लाख रुपए के बजट में टाटा पंच ईवी, एमजी कॉमेट ईवी और टाटा टियागो ईवी जैसी कारें उपलब्ध हैं। अगर कोई महिला कार खरीदती है तो उसे 10 की जगह 9 लाख रुपए लगेंगे। 1 लाख रुपए उसके खाते में लौट जाएंगे। बिहार सरकार के आदेश अनुसार आर्थिक मदद महिलाओं को मिलेगी, मतलब कि अपर सब्सिडी लेनी है तो गाड़ी परिवार की महिला के नाम पर ही लेनी होगी। गाड़ी खरीदने के लिए जरूरी दस्तावेज में आधार और पैन कार्ड चाहिए। ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य नहीं है। इलेक्ट्रिक गाड़ी पर सब्सिडी लेने के लिए क्या करना होगा?
अगर आप इलेक्ट्रिक कार या बाइक खरीदने वाले हैं और सरकार से सब्सिडी लेना है तो इसके लिए DTO (District Transport Office) के पास आवेदन करना होगा। इसके लिए ऑनलाइन और ऑफ लाइन सुविधा उपलब्ध है। एजेंसी में आपको पैसे देने होंगे। इसके बाद गाड़ी खरीद से जुड़े डॉक्यूमेंट व बिल के साथ DTO में आवेदन करना होगा। बिहार सरकार ने EV प्रोत्साहन नीति को 5 दिसंबर 2023 को लॉन्च किया था। इसके तहत EV गाड़ी खरीदने पर डेढ़ लाख रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही थी। पॉलिसी के मुताबिक, पहले 10 हजार दो पहिया और प्रथम 1 हजार चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स में 75 प्रतिशत की छूट मिलती थी। इसके बाद से 50 प्रतिशत की छूट दी जाती थी। नए बदलाव के बाद अब प्रथम 10 हजार दो पहिया और 4000 कार की बिक्री वाली सीमा हटा दी गई है। अब जानिए, आपके लिए कितना फायदे का सौदा है इलेक्ट्रिक कार खरीदना
इलेक्ट्रिक कार खरीदना आपके लिए कितना ज्यादा फायदे का सौदा है यह इस बात से तय होता है कि आप कितना अधिक गाड़ी चलाते हैं। जितनी अधिक रनिंग, उतना ज्यादा लाभ। इसे ऐसे समझें… टाटा गिन्नी के EV सेल्स हेड संजय कुमार सिंह बताते हैं, ‘पेट्रोल, डीजल और सीएनजी का कॉस्ट बढ़ रहा है। इन गाड़ियों की रनिंग कॉस्ट EV के मुकाबले अधिक है। पेट्रोल-डीजल की रनिंग कॉस्ट 6-7 रुपए प्रति किलोमीटर है। EV की रनिंग कॉस्ट 1-3 रुपए प्रति किलोमीटर है।’ मान लीजिए आपको रोजाना 100 km सफर करना है। पेट्रोल वाहन से चलने में कम के कम पांच लीटर तेल लगेगा। पेट्रोल अभी 105 रुपए प्रति लीटर है। इस हिसाब से 105X5 यानी 525 रुपए हुए। दूसरी तरफ EV गाड़ी की बात करें तो यह करीब 20 यूनिट में चार्ज हो जाती है। अगर 15 रुपए यूनिट भी खर्च माने तो उस हिसाब से 300 रुपए लगेंगे। एक बार फुल चार्ज होने पर गाड़ी कम से कम 300 किलोमीटर चलेगी। इस लिहाज से देखें को 100 किलोमीटर तक का सफर तय करने में आपको सिर्फ 100 रुपए खर्च करने पड़ेंगे। यह पेट्रोल की तुलना में पांच गुना सस्ता है। इलेक्ट्रिक बाइक-स्कूटर खरीदने पर सालभर में बचा सकते हैं 30 हजार रुपए
मान लीजिए कि आपने एक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदा, जिसकी कीमत 1 लाख रुपए है। आपके शहर में 1 यूनिट बिजली की कीमत 8 रुपए है। EV को फुल चार्ज करने में करीब 2 यूनिट बिजली लगेगी। 8 रुपए यूनिट के हिसाब से EV को एक बार फुल चार्ज करने में 16 रुपए खर्च होंगे। अगर आपकी EV दोपहिया गाड़ी 50 से 70 किलोमीटर की रेंज देती है तो 16 रुपए में 50km से अधिक गाड़ी चला लेंगे। 100-125 cc की बाइक 50-70 km जाने के लिए करीब 1 लीटर पेट्रोल जलाती है। ऐसे में 105 रुपए खर्च होते हैं। मतलब आप 50 km बाइक या स्कूटी चलाने में भी 89 रुपए बचा लेंगे। अगर आप गाड़ी रोज फुल चार्ज करते हैं तब महीने में 480 रुपए लगेंगे। राउंड फिगर में 500 रुपए भी मान लें तो 12 महीने में 6000 रुपए लगेंगे। अगर आप रोज 50 km के करीब गाड़ी चलाते हैं और 1 लीटर तेल डालते हैं तो 12 महीने में 36 हजार रुपए खर्च करने होंगे। अब 36,000 रुपए से EV के 6000 रुपए घटा दें तो सालभर में 30,000 रुपए की बचत होती है। इस तरह आप 1 लाख रुपए के EV को 3.2 साल यानी 38 महीने में फ्री कर लेंगे। EV की बैटरी पर कंपनियां 50 हजार से 1 लाख किलोमीटर या फिर 5 साल की वारंटी देती हैं। वहीं, सालभर में इसके मेंटेनेंस का भी कोई बड़ा खर्च नहीं है। यानी पहला मेंटेनेंस आने से पहले ही आपकी गाड़ी फ्री हो जाएगी। EV इस्तेमाल करने में क्या है परेशानी?
EV इस्तेमाल करने में पेश आने वाली सबसे बड़ी परेशानी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है। अगर आप घर से ऑफिस और ऑफिस से घर आते हैं तो अपने घर में लगे चार्जिंग पॉइंट से गाड़ी आराम से चार्ज कर सकते हैं, लेकिन अगर दूर जाना हो तो परेशानी आ सकती है। पेट्रोल या डीजल से चलने वाली गाड़ी के लिए अच्छी की बात है कि हर कुछ किलोमीटर पर आपको पेट्रोल पंप मिल जाता है, लेकिन ऐसी सुविधा अभी EV चार्जिंग पॉइंट के मामले में नहीं। यही वजह है कि सरकार EV चार्जिंग पॉइंट इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। बुधवार को हुई सम्राट कैबिनेट की बैठक में तय किया गया कि अधिक संख्या में EV चार्जर लगाने पर बढ़ी हुई दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए भारी उद्योग मंत्रालय की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत भी अनुदान मिलेगा। इससे राज्य में चार्जिंग नेटवर्क मजबूत होगा।