बिहार में 15 अप्रैल को नई सरकार का गठन हो जाएगा। सीएम हाउस में आज भी तेज राजनीतिक हलचल बनी रहेगी। सत्तारूढ़ दल जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता पटना पहुंच चुके हैं। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह आज पटना पहुंचेंगे। सीएम हाउस में आज महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। बैठक में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार, मंत्रियों की संख्या और विभागों के बंटवारे को लेकर चर्चा की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, अगले दो दिनों में सभी मुद्दों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। जेडीयू और बीजेपी दोनों दलों के विधायकों को पटना में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। जो विधायक अभी तक पटना नहीं पहुंचे हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द पहुंचने के लिए कहा गया है। बताया जा रहा है कि आज सुबह से ही विधायकों के पटना आने का सिलसिला जारी रहेगा। 13 अप्रैल को सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक होने की संभावना 13 अप्रैल को मौजूदा सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इसको लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अगर 13 अप्रैल को कैबिनेट बैठक होती है, तो उससे जुड़े नोटिफिकेशन आज शाम तक जारी किए जा सकते हैं। 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा। इसके बाद 15 अप्रैल को नई सरकार के शपथ ग्रहण का कार्यक्रम प्रस्तावित है। दोनों डिप्टी CM मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे शनिवार को बिहार के दोनों डिप्टी CM शाम 5.30 बजे अचानक मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे। उनके साथ मंत्री लखेंद्र पासवान भी थे। करीब 30 मिनट सभी की नीतीश कुमार से मुलाकात हुई थी। मुलाकात के बाद नेताओं ने कहा कि जल्द सभी चीजें साफ हो जाएंगी। बिहार में जो भी होगा वो नीतीश जी के नेतृत्व में ही होगा। वहीं, दूसरी तरफ नीतीश कुमार से मिलने के बाद डिप्टी CM विजय सिन्हा लोकभवन गए थे। लोकभवन में वे करीब 30 मिनट तक रहे थे। बिहार में सियासी हलचल से जुड़े कुछ अपडेट्स… TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने शनिवार को कहा था कि अभी मुझे नहीं लगता है, इतनी जल्दी कोई नया मुख्यमंत्री बनेगा। नीतीश कुमार को अभी आराम करने दीजिए, आपलोग भी आराम करिए। नीतीश जी हमारे मित्र है। बिहार में बहुत सारे काबिल नेता हैं। तेजस्वी काबिल है, और भी कई नेता हैं। ऐसा न हो कि कोई पर्ची वाला बाबा यहां की पर्ची निकला दे। एक आदमी और आप लोग उनपर ध्यान दीजिए वो है प्रशांत किशोर। वहीं, तेजस्वी यादव के बयान पर अशोक चौधरी ने कहा था कि, “एक व्यक्ति मुख्यमंत्री का पद छोड़कर राज्यसभा जा रहा है। इनके परिवार में ऐसा उदाहरण नहीं है। इनके परिवार में उदाहरण है कि पिता (लालू यादव) जेल गए तो माता (राबड़ी देवी) को मुख्यमंत्री बना दिया था। चुनाव के पहले कहते थे कि नीतीश कुमार मानसिक रूप से पागल हो गए हैं। जनता दिखा दी। राजद 25 सीटों पर सिमट गई। आने वाले समय में राजद का पूरा सत्यानाश होगा।” नई सरकार के सवाल पर शुक्रवार को विजय कुमार चौधरी ने कहा था कि नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने से फिलहाल सरकार बदलने की कोई बात नहीं है। सुबह JDU नेताओं के साथ 2 घंटे बैठक चली इसके अलावा शनिवार सुबह JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और मंत्री विजय चौधरी, CM नीतीश से मिलने पहुंचे थे। करीब 2 घंटे तक JDU नेताओं की बैठक हुई। इस दौरान नए मंत्रिमंडल के स्वरूप और उसमें युवा चेहरों को शामिल किए जाने को लेकर चर्चा हुई। इधर, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि वे बिहार में CM की रेस में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का सिर्फ चेहरा बदलेगा, लेकिन फॉर्मूला वही रहेगा। राज्यसभा सांसद बने नीतीश कुमार शुक्रवार को नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ग्रहण की थी। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें शपथ दिलाई। इस मौके पर बिहार एनडीए के कई नेता मौजूद रहे थे। इसके साथ ही नीतीश कुमार ने इस शपथ के साथ एक अनोखा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। वे देश के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं, जो चारों सदनों, लोकसभा, राज्यसभा, बिहार विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं। राज्यसभा में यह उनका पहला कार्यकाल है। JDU से 2 डिप्टी CM हो सकते हैं JDU सूत्रों के अनुसार, एनडीए के मौजूदा फॉर्मूले को आगे बढ़ाया जाएगा। इस हिसाब से जदयू को पहली बार डिप्टी CM पद मिल सकता है। पार्टी के 2 डिप्टी सीएम हो सकते हैं। साथ ही विधानसभा स्पीकर पद भी JDU के पाले में होगा। जदयू सूत्रों के अनुसार, पार्टी के 2 डिप्टी CM में से एक निशांत कुमार का बनना लगभग तय है। ऐसे में बिहार में पार्टी का नेतृत्व निशांत के हाथों में होगा।