फरीदाबाद में एक युवक ने अपने 5 साल के बेटे का गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को रस्सी से अपनी छाती पर बांध लिया और पंखे से फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। यह घटना बल्लभगढ़ के दयालपुरा गांव में हुई। युवक का परिवार दूसरे गांव में रहता है। युवक अपने बेटे को चीज दिलाने के बहाने से लेकर गया था, जिसके बाद वापस नहीं लौटा। जब परिवार के लोग उसके घर पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। युवक के पिता ने बताया कि उनका बेटा सबसे झगड़ा करता था, इसलिए वे लोग दूसरे गांव में रहने लगे थे। उन्होंने बताया कि रविवार को भी घर में झगड़ा हुआ था, जिसके बाद उसने यह कदम उठाया। सदर थाना बल्लभगढ़ पुलिस घटना की जांच कर रही है। सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला…. मारपीट से तंग आकर परिवार अलग रहने लगा दयालपुर गांव निवासी रूपचंद ने बताया कि उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा भारत अविवाहित है, जबकि छोटा बेटा सागर शादीशुदा था। सागर ड्राइवरी करता था। उसकी पत्नी सपना और उनका 5 वर्षीय बेटा रक्षित था, जो नर्सरी कक्षा में पढ़ता था। सागर का स्वभाव काफी झगड़ालू था। सागर अक्सर परिवार के लोगों के साथ मारपीट करता था। इसी वजह से करीब एक साल पहले वह अपनी पत्नी मंजू, बेटे भारत, बहू सपना और पोते रक्षित के साथ मच्छगर गांव में किराए के मकान में रहने लगे थे, जबकि सागर दयालपुर स्थित अपने घर में अकेला रहता था। 10 मई को बेटे को अपने साथ ले गया उन्होंने बताया कि सागर शनिवार और रविवार को ही परिवार से मिलने आता था। जब भी वह घर आता था, तो अपने बेटे रक्षित को कुछ समय के लिए अपने साथ दयालपुर ले जाता था। रविवार सुबह करीब 9 बजे सागर मच्छगर पहुंचा और घर में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद वह रक्षित को यह कहकर अपने साथ ले गया कि वह उसे खिलाने-पिलाने और घुमाने के लिए दयालपुर ले जा रहा है। शाम तक बेटे को छोड़ने नहीं आया परिजनों के अनुसार, दोपहर के समय सागर ने दयालपुर स्थित अपने घर में पहले बेटे रक्षित का गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने बच्चे के शव को रस्सी के सहारे अपनी छाती से बांध लिया और कमरे में लगे पंखे से फंदा लगाकर खुद भी आत्महत्या कर ली। देर शाम तक सागर रक्षित को वापस छोड़ने नहीं आया। फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं दिया। परिवार पहुंचा तो फांसी पर लटका मिला इसके बाद परिजन गांव दयालपुर स्थित उसके घर पहुंचे। वहां मकान का मेन गेट अंदर से बंद मिला। पड़ोसियों की मदद से सीढ़ी लगाकर घर के अंदर प्रवेश किया। जब कमरे का दरवाजा भी अंदर से बंद मिला, तो उसे तोड़कर अंदर देखा गया। कमरे के अंदर का दृश्य देखकर सभी लोग सन्न रह गए। सागर पंखे से रस्सी के सहारे फंदे पर लटका हुआ था और रक्षित उसकी छाती से रस्सी से बंधा हुआ था। रक्षित की गर्दन पर गला दबाने के निशान थे। पुलिस बोली- पिता ने शिकायत दी पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि सदर थाना बल्लभगढ़ को रात 9:30 बजे घटना की सूचना मिली थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सागर के संबंध परिवार से अच्छे नहीं थे। परिवार के बाकी सदस्य दूसरे गांव में रहते थेञ सागर के पिता ने शिकायत दर्ज कराई है। सागर और रक्षित के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।