बैंक घोटाले में अकाउंट ऑफिसर को गिरफ्तारी का डर था:CFO की बर्खास्तगी का पता चलते ही हरियाणा सचिवालय पहुंचे; आठवीं मंजिल से छलांग लगाई

हरियाणा में IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े ₹590 करोड़ के घोटाले में हरियाणा पावर जनरेशन कॉपोर्रेशन लिमिटेड (HPGCL) के अकाउंट ऑफिसर के सुसाइड के मामले में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, विभाग के चीफ फाइनेंस ऑफिसर (CFO) अमित दीवान की बर्खास्तगी के बाद बलवंत सिंह को अपनी गिरफ्तारी का डर सता रहा था। बताया जा रहा है कि सोमवार को अमित दीवान के बर्खास्तगी के आदेश का पता चलते ही बलवंत सिंह हरियाणा सचिवालय के लिए रवाना हो गए। पांचवीं मंजिल पर विजिटर पास लेने के बाद बलवंत सचिवालय में रैंप के रास्ते आठवीं मंजिल पर पहुंचे, जहां उन्होंने पहले अपना मोबाइल बाहर रखा और फिर छलांग लगा दी। फिलहाल सेक्टर-3 पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। शव को सेक्टर-16 के अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है, जिसका आज पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। झज्जर के रहने वाले, 2007 में नौकरी लगे बलवंत सिंह (45) मूल रूप से झज्जर के मुंडाहेड़ा गांव के रहने वाले थे। वह बिजली निगम में 2007 में भर्ती हुए थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। उनके दो भाई भी हैं- कृष्ण, वह आर्मी में कार्यरत हैं। दूसरे भाई अशोक हरियाणा रोडवेज में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। बलवंत सिंह का परिवार काफी समय से पंचकूला के पास बलटाना के एकता विहार में रह रहा है। बलवंत सिंह के पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित HPGCL दफ्तर में तैनात थे। सुबह 10.22 पर हुई सचिवालय में एंट्री बलवंत सिंह सोमवार को विजिटल पास बनवाकर चंडीगढ़ के सेक्टर-1 में बने हरियाणा सचिवालय पहुंचे थे। यह पास सुबह 9:42 बजे जनरेट हुआ था। पास में उन्होंने पांचवीं मंजिल पर स्थित हरियाणा पावर जनरेशन कॉपोर्रेशन के कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स से ऑफिशियल वर्क के तहत मिलने का कारण बताया था। सचिवालय में उनकी एंट्री 10:22 पर हुई थी।

दोपहर 3 बजे आठवीं मंजिल से छलांग दोपहर 3 बजे उन्होंने आठवीं मंजिल से छलांग लगा दी। घटना की सूचना मिलते ही सचिवालय में तैनात पुलिस कर्मचारी और अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचा। डॉक्टरों की टीम ने घटनास्थल पर व्यक्ति की जांच की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद शव को एम्बुलेंस से सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल भिजवाया गया। साथ ही मृतक के परिवार को घटना की जानकारी दी गई है। CFO की बर्खास्तगी के बाद से हलचल CFO अमित दीवान और अकाउंट ऑफिसर बलवंत सिंह, पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित HPGCL में तैनात थे। वर्तमान में अमित दीवान अंबाला सेंट्रल जेल में बंद है। उसे 18 मार्च को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गिरफ्तार किया था। दीवान पर आरोप है कि उसने चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित IDFC फर्स्ट बैंक में गलत मंशा से दो बैंक खाते खुलवाए और मुख्य आरोपी रिभव ऋषि के साथ मिलीभगत कर घोटाले में भूमिका निभाई। बर्खास्तगी की कार्रवाई के बाद ब्यूरोक्रेसी में हचलच है। रिश्वत के तौर पर 50 लाख लिए इनमें से एक खाते में 50 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए, जबकि बाद में उसमें फर्जी एफडीआर और अनधिकृत ट्रांजेक्शन पाए गए। संबंधित बैंक उस समय सरकारी पैनल में शामिल नहीं था, फिर भी नियमों को नजरअंदाज कर खाता खोला गया। इस पूरे मामले में बैंक अधिकारियों और अमित दीवान के बीच मिलीभगत की बात सामने आई है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि उन्हें रिश्वत के तौर पर करीब 50 लाख रुपए दिए गए।

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