भिवानी डीसी की अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक:शिकायतों का जल्द समाधान करने को कहा; CM के प्रधान सचिव वीसी से जुड़े

भिवानी डीसी साहिल गुप्ता ने लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए हॉल में समाधान शिविर की साप्ताहिक समीक्षा बैठक की। इसकी अध्यक्षता करते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे शिविर में मिल रही शिकायतों का प्राथमिकता से समाधान करना सुनिश्चित करें। डीसी ने समाधान शिविर में लंबित मामलों का निपटारा समय पर करने के निर्देश दिए। वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरूण कुमार गुप्ता ने विभिन्न विभागों में लंबित शिकायतों और मामलों की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीसी साहिल गुप्ता ने निर्देश दिए कि विभागाध्यक्ष समाधान शिविर में आने वाली जन शिकायतों को लंबित न रखें। मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निपटान करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री कार्यालय उन विभागों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं, जिनकी शिकायतें काफी समय से लंबित हैं। डीसी ने अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए ताकि शिकायतों का सही और समय पर निपटारा हो सके। शिकायत के समाधान की अपडेट रिपोर्ट समाधान प्रकोष्ठ के पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। पूरी जांच करके करवाएं समाधान उन्होंने कहा कि शिकायतों का समाधान पूरी जांच कर करवाया जाए और उसके बाद समाधान पोर्टल पर सही विवरण दर्ज करें। जिससे बार-बार शिकायतें रि-ओपन की नौबत न आए। उन्होंने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि प्रत्येक सोमवार व वीरवार को सुबह 10 से 12 बजे तक जिला व उपमंडल स्तर पर आयोजित होने वाले समाधान शिविरों के बारे में आमजन को जानकारी होना जरूरी है। समाधान शिविर सरकार और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। 2024 के लंबित मामले पोर्टल से समाप्त करने के निर्देश बैठक में वीसी के माध्यम से जुड़े मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरूण कुमार गुप्ता ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वर्ष 2024 के लंबित मामलों को पोर्टल से जल्द समाप्त किया जाए। जिन शिकायतों पर संपर्क संभव नहीं है, उन्हें नियमानुसार पोर्टल से हटाया जाए। डिमांड से संबंधित मामलों को अलग श्रेणी में रखा जाए और कोर्ट में विचाराधीन मामलों को उचित स्पष्टीकरण सहित निरस्त सूची में डाला जाए। इसके अलावा जिन शिकायतों पर न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश जारी है, उन्हें भी अलग श्रेणी में दर्ज किया जाए। आय से जुड़े मामलों में फिजिकल वेरिफिकेशन करवाने के बाद यदि शिकायत असंगत पाई जाती है तो नियमानुसार निरस्त किया जाए।

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