आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार में पंजाब के बेहद पावरफुल उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री रहे संजीव अरोड़ा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मनी लॉन्ड्रिंग और ₹100 करोड़ से अधिक के फर्जी जीएसटी (GST) घोटाले के मामले में गिरफ्तार किए गए संजीव अरोड़ा की ED की रिमांड दो दिन और बढ़ा दी। गुरुग्राम की विशेष पीएमएलए (PMLA) कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अरोड़ा से आगे की पूछताछ के लिए उन्हें रिमांड पर रखने का आदेश दिया है। इससे पहले, ईडी ने 9 मई को चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास पर दिनभर चली छापेमारी के बाद देर शाम उन्हें गिरफ्तार किया था। जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें 7 दिनों की शुरुआती ईडी कस्टडी में भेजा था। रिमांड अवधि समाप्त होने पर केंद्रीय जांच एजेंसी ने उनके वित्तीय लेन-देन, फर्जी इनवॉइस और शेल कंपनियों के नेटवर्क को खंगालने तथा कुछ नए सबूतों के सामने आने का हवाला देकर और दिनों की कस्टडी मांगी थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। टेक्सटाइल से फैशन इंडस्ट्री तक की कहानी… पिता बड़े कारोबारी थे: संजीव अरोड़ा का जन्म 18 सितंबर 1963 को लुधियाना में हुआ। उनका शुरुआती जीवन कारोबारी माहौल में बीता, जिसके कारण बचपन से ही उनका झुकाव व्यापार की ओर रहा। उनके पिता प्राण अरोड़ा भी बड़े कारोबारी थे। उन्होंने SCD गवर्नमेंट कॉलेज, लुधियाना से बी.कॉम की डिग्री ली है। परिवार एक्सपोर्ट कारोबार में सक्रिय था: ‘रितेश इंडस्ट्रीज’ के नाम से उनकी टेक्सटाइल क्षेत्र में बड़ी फैक्ट्री थी। इसके अलावा परिवार वनस्पति घी के कारोबार से भी जुड़ा हुआ था। अरोड़ा परिवार उस समय से एक्सपोर्ट कारोबार में सक्रिय था। वर्जीनिया में अपना पहला ऑफिस भी खोला: संजीव अरोड़ा ने 1986 में लुधियाना से कपड़ों के एक्सपोर्ट का काम शुरू किया। कारोबार बढ़ाने के लिए उन्होंने अमेरिका के वर्जीनिया में अपना पहला ऑफिस भी खोला। नुकसान होने पर रियल एस्टेट में आए: बाद में कारोबार में नुकसान हुआ, जिसके बाद संजीव अरोड़ा ने रियल एस्टेट सेक्टर में हाथ आजमाया। इसी क्षेत्र में उन्होंने फिर से अपनी मजबूत पहचान बनाई और बड़े कारोबारी के रूप में उभरे। भााई ‘रितेश केमिकल्स इंडस्ट्री’ चलाता था: उनके भाई राजीव अरोड़ा ‘रितेश केमिकल्स इंडस्ट्री’ चलाते थे। चंडीगढ़ रोड पर जहां आज ‘हैम्पटन होम्स’ प्रोजेक्ट बना हुआ है, वहां पहले उनकी इंडस्ट्री थी। बाद में उस जमीन का CLU करवाकर उसे हाउसिंग प्रोजेक्ट में बदल दिया गया। खुदक को एक्सपोर्ट कारोबार तक सीमित नहीं रखा: करीब तीन दशक पहले संजीव अरोड़ा ने एक्सपोर्ट सेक्टर में अपने कारोबार को और मजबूत किया। उनकी मेहनत के चलते ‘रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ (RPIL) लुधियाना के औद्योगिक जगत का बड़ा नाम बन गई। इसके बाद उन्होंने खुद को केवल एक्सपोर्ट कारोबार तक सीमित नहीं रखा। समय के साथ उन्होंने रियल एस्टेट, फैशन और मेटल इंडस्ट्री में भी कारोबार फैलाया। इसी के साथ वे पंजाब के बड़े उद्योगपतियों में शामिल हो गए।