मधेपुरा में नाबालिग ने थाने में खुद को लगाई आग:बोली- पापा-भाई मारना चाहते हैं, उन्होंने ही डीजल डाला; प्रेमी, उसके दोस्तों पर गैंगरेप का केस करवाया

मधेपुरा में एक नाबालिग ने थाने में खुद को आग लगाकर सुसाइड करने की कोशिश की। घटना सोमवार की शाम की है, पुलिस लड़की को पूछताछ के लिए लेकर आई थी। इसी दौरान उसने पुलिस से कहा, मुझे वॉशरूम जाना है। वहां जाकर उसने खुद को आग लगा ली। हालांकि, पुलिस ने आग तुरंत बुझाते हुए नाबालिग को बचा लिया है। 40% जलने की वजह से उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नाबालिग ने पुलिस को दिए बयान में अपने-पिता और भाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लड़की का कहना है, मेरे पिता और भाई ने मेरे प्रेमी को फंसाने के लिए मुझपर दबाव बनाया। उनलोगों ने मेरे साथ मारपीट की। मुझे जान से मारने की कोशिश की। सोमवार की दोपहर मेरे ऊपर डीजल छिड़कर मुझे आग के हवाले करने की कोशिश की, लेकिन तब तक पड़ोसियों ने आकर मुझे बचा लिया। बता दें कि लड़की ने जनवरी 2026 में अपने बॉयफ्रेंड और उसके 4 दोस्तों के खिलाफ गैंगरेप का केस थाने में दर्ज करवाया था। जिसमें सभी आरोपी जेल में बंद हैं। घटना शंकपुर थाना क्षेत्र का है। आरोपी रोशन कुमार (23) लड़की का दूर का चाचा बताया जा रहा है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए नाबालिग के अफेयर, फिर गैंगरेप का आरोप और पिता-भाई के टॉर्चर से जुड़ी पूरी कहानी।
4 महीने पहले में प्रेमी, उसके दोस्तों पर गैंगरेप का लगाया आरोप ये पूरा मामला जनवरी 2026 में दर्ज गैंगरेप और पॉक्सो केस से जुड़ा हुआ है। लड़की के पिता ने अपनी बेटी नाबालिग बेटी से गैंगरेप का केस दर्ज कराया। जिसमें प्रेमी रोशन कुमार और उसके 4 दोस्तों के खिलाफ महिला थाने मे शिकायत दर्ज कराई। लड़की ने पुलिस को दिए बयान में गैंगरेप की बात बताई, हालांकि, एक महीने बाद लड़की थाने में दिए गए बयान से कोर्ट में मुकर गई। उसने कोर्ट में कहा, मैंने अपने पापा-भाई के दबाव में आकर अपने बॉयफ्रेंड पर गैंगरेप का आरोप लगाया है। उसने मेरे साथ कुछ गलत नहीं किया। अब जानिए पुलिस को गैंगरेप की क्या कहानी बताई थी लड़की ने उस समय पुलिस को बताया था कि, रोशन के साथ मेरा 1 साल से अफेयर चल रहा था। 24 जनवरी को उसने मुझे शादी करने के लिए बांसबिट्टी में बुलाया था। उसने कहा था, हमलोग शादी कर के घर से भाग जाएंगे। शादी की बात सुनते ही मैं भी घर से भागने के लिए तैयार हो गई। मैं उसके दिए गए पते पर जैसे ही पहुंची, वहां पर पहले से रोशन के साथ उसके 4 दोस्त खड़े थे। रोशन ने मुझसे कहा, पहले हमलोग एक दोस्त के रूम पर चलते हैं। वहां से तैयार होकर शादी करने मंदिर में चलेंगे। इसके बाद पांचों लड़के रूम से बाहर चले गए। थोड़ी देर बाद रोशन अंदर आया, वो जबरदस्ती मेरे साथ संबंध बनाने लगा। मैंने विरोध किया तो मारपीट करने लगा। इसके साथ उसने कहा कि, तुम्हें मेरे दोस्तों के साथ भी संबंध बनाना होगा। मैं डर गई थी। वो जान से मारने की धमकी दे रहा था। इसके बाद उसके चारों दोस्त एक-एक कर कमरे में आए और मेरे साथ रेप किया। मैं चीख रही थी। छोड़ने की गुहार लगा रही थी, लेकिन वो मेरे साथ दरिंदगी करते रहे। इसके बाद वो सभी मुझे उसी हालत में वहां पर छोड़कर भाग गए। मैं जैसे-तैसे घर पहुंची और घरवालों को ये बात बताई। लड़की ने बताया, इससे पहले भी हम दोनों एक साथ भाग चुके थे, लेकिन 2 दिन बाद परिवार वाले हम दोनों को घर लेकर आ गए थे। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी रौशन कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसके खिलाफ आरोप पत्र भी न्यायालय में समर्पित कर दिया गया था। जमीनी लड़ाई की वजह से बॉयफ्रेंड पर करवाया झूठा केस हालांकि, आरोपी को जेल भेजने के एक महीने बाद लड़की ने कोर्ट में कहा था, ‘मेरे पापा-भाई ने मुझसे झूठा केस करवाया है। उनका रोशन से जमीन को लेकर मामला चल रहा है। इसी वजह से वो उसे झूठे केस में फंसाकर जेल भेजवाना चाहते थे। इसी कारण उन्होंने मेरे ऊपर रोशन के खिलाफ झूठा गैंगरेप का केस दर्ज करवाने के लिए कहा था। मैं रोशन से बहुत प्यार करती हूं। उसे जेल से बाहर निकाल दीजिए।’ इसके बाद पुलिस ने इस बयान को सुरक्षित रख जांच शुरू कर दी थी। पिता-भाई मुझे मारने वाले थे लड़की ने आगे बताया, ‘कोर्ट में दिए बयान के बाद से मेरे पिता जी और भाई मुझे टॉर्चर कर रहे थे। वो मेरे साथ मारपीट कर रहे थे। मुझे जान से मारने की धमकी दे रहे थे। 25 मई को उन्होंने मुझे मारते हुए एक कमरे में बंद कर दिया। वहां पिता-भाई ने मिलकर मेरे ऊपर डीजल छिड़क दिया। इसके बाद वो रोशन के घर के पीछे ले गए। वहां जैसे ही वो आग लगाने वाले थे, तब तक मां की मदद से पड़ोस के लोग मौके पर पहुंच गए। पड़ोसियों को देखकर पिता-भाई मौके पर से भाग गए। पड़ोसियों ने तुरंत इस घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मुझे थाने लाकर पूछताछ शुरू की।’ लड़की ने थाने में खुद को लगाया आग ASP प्रवेंद्र भारती ने बताया, ‘सोमवार की शाम हमलोग लड़की को लेकर थाने पहुंचे। उससे थाने की पुलिस पूछताछ कर रही थी कि तभी उसने कहा वॉशरूम जाना है। पुलिस टीम ने 2 महिला पुलिसकर्मी को मौके पर बुलाया और उसे वॉशरूम ले जाने के लिए कहा। जब वो उसे वॉशरूम लेकर गए तो 2 मिनट बाद हंगामा शुरू हो गया। पुलिसकर्मियों ने चिल्लाया, नाबालिग लड़की ने खुद को आग लगा लिया है। लड़की और पुलिसकर्मियों की चीख सुनकर हमलोग मौके पर पहुंचे। हमलोगों ने तुरंत दरवाजा तोड़ा। इस दौरान देखा नाबालिग जमीन पर लेटी है। उसके शरीर में पूरी तरह से आग फैल गई थी। पुलिस की मदद से हमलोग उसे तुरंत कंबल डाला और आग बुझाई।’ 40% तक जली है लड़की इसके बाद एंबुलेंस की मदद से उसे तुरंत शंकरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां प्राथमिक इलाज होने के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया। वहां भी हालत नाजुक रहने पर डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेज दिया। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के अनुसार लड़की 30 से 40% तक झुलस गई है। उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। बॉयफ्रेंड के घर के पीछे बेटी को जलाने की थी प्लानिंग पुलिस के अनुसार पिता-भाई लड़की से नाराज थे। वो लोग रोशन कुमार के घर के पास आग लगाने की योजना बना रहे थे, ताकि यह साबित किया जा सके कि रोशन के परिवार वालों ने लड़की की हत्या की है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की मंशा एक तीर से दो निशान साधने की थी। हालांकि, स्थानीय लोगों की सतर्कता के कारण घटना टल गई। फिलहाल, पुलिस युवती के बयान के आधार पर उसके पिता-भाई पर कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों की तलाश जारी है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया है। टीम ने घटनास्थल से मिट्टी समेत अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं। लड़की नाबालिग है। यदि परिवार का कोई अन्य वयस्क सदस्य आवेदन देता है तो प्राथमिकी दर्ज की जाएगी, अन्यथा पुलिस खुद के बयान पर मामला दर्ज करेगी।

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