लोकसभा में गुरुवार को महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े 3 बिल पेश किए गए। इसे लेकर सपा सांसदों और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच तीखी बहस हुई। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा- सरकार संविधान के विरोध में काम कर रही है। जब तक मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया जाएगा। तब इसका मतलब नहीं है। इस पर शाह ने जवाब दिया- मुस्लिमों को धर्म के आधार पर आरक्षण गैर-संवैधानिक है, इसका सवाल ही पैदा नहीं होता। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा- पूरा देश आधी आबादी के लिए आरक्षण चाहता है। मैं जानना चाहता हूं कि मुस्लिम महिलाओं के लिए क्या। ये सशक्तिकरण नहीं है, तुष्टिकरण के लिए है। इस पर शाह ने जवाब दिया कि सपा पूरी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें कहां आपत्ति है। इधर, संसद के बाहर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा- भाजपा आरक्षण के नाम पर समाज में जहर घोलना चाहती है। वह लोकतंत्र को खत्म कर तानाशाही थोपना चाहती है। हम इसका विरोध करते हैं, क्योंकि परिसीमन के नाम पर जिस तरह जहर घोला गया है और जिस समय इसे लाया गया है, वह सवाल खड़े करता है। दरअसल, संशोधन बिल में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 2029 से 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव है। साथ ही लोकसभा सांसदों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने की बात कही गई है। राज्यों में 815 और केंद्र शासित प्रदेशों में 35 तक सीटें होंगी। सीटों की सटीक संख्या तय करने के लिए परिसीमन किया जाएगा। 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। संसद में यूपी के सांसदों से जुड़े पल-पल के अपडेट जानने के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए-