यमुनानगर के हमीदा क्षेत्र में बीती रात मामूली कहासुनी के चलते एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि पड़ोसी ने अपने परिजनों के साथ मिलकर घर के बाहर टहलने निकले व्यक्ति पर गंडासियों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में परिजन उसे एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान हमीदा के गुजरान मोहल्ला निवासी 42 वर्षीय मेहंदी हसन के रूप में हुई है। वह खेतीबाड़ी का काम करता था और दो बच्चों का पिता था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल, यमुनानगर के शवगृह में रखवाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। गली में टहलते वक्त किया हमला मृतक के चचेरे भाई कईयूम ने बताया कि मेहंदी हसन रात करीब 9 बजे गली के पास बनी बैठक में बैठा हुआ था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला अवैश भी वहां आ गया। बैठक में बैठे-बैठे दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। वहां मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को शांत कराया, जिसके बाद वे अपने-अपने घर चले गए। करीब साढ़े 10 बजे मेहंदी हसन टहलने के लिए घर से बाहर गली में निकला। आरोप है कि इसी दौरान अवैश अपने पिता, दो भाइयों और अन्य लोगों के साथ गंडासियां लेकर वहां पहुंचा और आते ही मेहंदी हसन पर हमला कर दिया। सभी आरोपियों के पास गंडासीनुमा हथियार थे। लोगों के बाहर आने पर आरोपी फरार आरोपियों ने मेहंदी हसन पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गया। शोर सुनकर जब आसपास के लोग बाहर आए तो आरोपी मौके से फरार हो गए। परिजन उसे तुरंत एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उसकी हालत गंभीर होने पर उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। परिजनों के बयान पर कार्रवाई शुरू कईयूम के अनुसार, पीजीआई ले जाते समय रास्ते में ही मेहंदी हसन ने दम तोड़ दिया। उधर, सूचना मिलते ही हमीदा चौकी और सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवाया और परिजनों के बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। 6-7 लोगों पर हत्या का केस दर्ज- प्रभारी यमुनानगर सिटी थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में परिजनों की शिकायत पर 6-7 लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में रखवाया गया है। हत्या के पीछे कारण क्या था, इस बारे अभी जांच की जा रही है।