योगी मंत्रिमंडल में कल 6 नए मंत्री बनेंगे:CM ने राज्यपाल से मुलाकात की; सपा के बागी मनोज पांडेय-पूजा पाल मंत्री बन सकते हैं

योगी कैबिनेट में रविवार को दूसरी बार विस्तार होगा। दोपहर 3 बजे नए मंत्री शपथ लेंगे। सीएम योगी शनिवार शाम करीब साढ़े 6 बजे जन भवन (राज भवन) पहुंचे हैं। अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय प्रसाद भी उनके साथ हैं। अभी योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मुलाकात चल रही है। योगी ने राज्यपाल को नए बनने वाले मंत्रियों की लिस्ट सौंपी है। इस बार 5 से 6 नए मंत्री बनाए जाएंगे। वहीं, कयास लगाए जा रहे हैं कि कुछ मंत्रियों की छुट्‌टी भी हो सकती है। अगर ऐसा होता है, तो रविवार को शपथ लेने वाले मंत्रियों की संख्या बढ़ भी सकती है। सपा से बगावत करने वाले विधायक मनोज पांडेय और पूजा पाल का मंत्री बनना लगभग तय है। इनके अलावा नाई समाज से एमएलसी रामचंद्र प्रधान, विश्वकर्मा समाज से वाराणसी के भाजपा एमएलएसी हंसराज विश्वकर्मा को मंत्री बनाया जा सकता है। जाट समाज से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी को जगह मिल सकती है। ब्राह्मण समाज से पूर्व मंत्री श्रीकांत शर्मा, भाजपा के प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला भी मंत्री पद की दौड़ में हैं। इनके अलावा कृष्णा पासवान को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। अभी सीएम योगी को मिलाकर कुल 54 मंत्री हैं। इस तरह 6 मंत्री और बन सकते हैं। योगी 2.0 का पहला विस्तार लोकसभा चुनाव- 2024 से ठीक पहले 5 मार्च, 2024 को हुआ था। अब उन चेहरों को जानिए, जो बन सकते हैं मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी: यूपी भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पश्चिमी यूपी के प्रमुख जाट चेहरों में शामिल हैं। मुरादाबाद के रहने वाले हैं। संघ और भाजपा संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे। 2016 में पहली बार विधान परिषद सदस्य (MLC) बने। अभी भी एमएलसी हैं। 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद पंचायती राज राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 2019 में कैबिनेट मंत्री, पंचायती राज बने। मनोज पांडेय: रायबरेली की ऊंचाहार विधानसभा सीट से विधायक हैं। 2012-17 में सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। 2022 में सपा के टिकट पर विधायक चुने गए। विधानसभा में सपा के मुख्य सचेतक भी रहे। मनोज पांडेय अवध और पूर्वांचल में बड़े ब्राह्मण नेता हैं। पूजा पाल: 2022 में सपा के टिकट पर कौशांबी की चायल विधानसभा सीट से विधायक बनीं। वह 2025 में यूपी विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सक्रिय रहीं। उनके पति राजू पाल की 2005 में हत्या हुई थी। इसके बाद वह लंबे समय से न्याय और राजनीतिक संघर्ष में सक्रिय रही हैं। 2024 राज्यसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के पक्ष में वोट दिया था। डॉ. महेंद्र सिंह: मध्यप्रदेश भाजपा के प्रभारी हैं। 2017 से 2022 तक योगी सरकार में ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और जलशक्ति मंत्री रह चुके हैं। भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री भी रहे हैं। असम में पहली बार उनके प्रभारी रहते ही भाजपा की सरकार बनी थी। सीएम योगी के साथ भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के भी भरोसेमंद हैं। आशा मौर्य: सीतापुर की महमूदाबाद सीट से भाजपा विधायक हैं। 1990 में भाजपा से जुड़ीं। 1995 और 2000 में लखनऊ के ठाकुरगंज क्षेत्र से लगातार 2 बार पार्षद चुनी गईं। 2017 में भाजपा ने उन्हें महमूदाबाद विधानसभा से प्रत्याशी बनाया। लेकिन, सपा प्रत्याशी नरेंद्र सिंह वर्मा से 1906 वोटों से हार गई थीं। 2022 के चुनाव में इसी सीट से उन्होंने जीत हासिल की। श्रीकांत शर्मा: मथुरा सीट से भाजपा विधायक हैं। दिल्ली के कॉलेज से राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन करने के दौरान एबीवीपी से जुड़े। जुलाई, 2014 में अमित शाह ने उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय सचिव और राष्ट्रीय मीडिया सेल का प्रभारी बनाया। 2017 में योगी सरकार के पहले कार्यकाल में मथुरा विधानसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद ऊर्जा मंत्री बनाया गया था। कृष्णा पासवान: फतेहपुर जिले की खागा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में संघर्ष भरे जीवन की शुरुआत करने वाली कृष्णा पासवान जिले की प्रमुख दलित नेताओं में गिनी जाती हैं। वह 4 बार विधायक और दो बार जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। यूपी भाजपा का विश्वसनीय महिला चेहरा मानी जाती हैं। गोविंद नारायण शुक्ला: विधान परिषद सदस्य (MLC) और वर्तमान में यूपी भाजपा के प्रदेश महामंत्री हैं। अमेठी से ताल्लुक रखने वाले गोविंद नारायण शुक्ला 2021 में निर्विरोध MLC चुने गए थे। वर्तमान में वह गोरखपुर क्षेत्र के प्रभारी की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। सुरेंद्र दिलेर: अलीगढ़ जिले की खैर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। भाजपा के प्रमुख दलित युवा नेताओं में शामिल हैं। वह हाथरस के पूर्व भाजपा सांसद राजवीर सिंह दिलेर के पुत्र हैं। उनके बाबा किशन लाल दिलेर 6 बार विधायक और 4 बार सांसद रहे हैं। उनके पिता राजवीर सिंह दिलेर एक बार सांसद और एक बार विधायक रह चुके हैं। हंसराज विश्वकर्मा: भाजपा से विधान परिषद सदस्य (MLC) हैं। पिछड़ा वर्ग की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले हंसराज विश्वकर्मा पिछले 34 वर्षों से सक्रिय राजनीति में हैं। 1989 में बूथ स्तर से राजनीतिक सफर शुरू किया। राम मंदिर आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। 2019 लोकसभा और 2022 विधानसभा चुनाव में वाराणसी में भाजपा की बड़ी जीत में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। रामचंद्र प्रधान: भाजपा MLC हैं। राजनीतिक जीवन की शुरुआत बसपा से की। लखनऊ यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ के महामंत्री भी रहे। मायावती सरकार में उन्हें MLC और राज्यमंत्री का दर्जा मिला था। साल- 2013 में बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए। इसके बाद संगठन में उनकी पकड़ लगातार मजबूत होती गई। वह भाजपा उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश महामंत्री भी रह चुके हैं। ब्राह्मणों की नाराजगी सबसे बड़ी चिंता, बन सकते हैं 2 मंत्री शंकराचार्य विवाद, UGC के नए नियम, पुलिस भर्ती एग्जाम में ‘पंडित’ शब्द को लेकर विवादित प्रश्न जैसे मुद्दों के चलते ब्राह्मण समाज में नाराजगी का माहौल है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा सरकार और संगठन की समन्वय बैठक में संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने ब्राह्मणों की नाराजगी दूर करने के लिए कहा था। मंत्रिमंडल में अभी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक समेत कुल 7 मंत्री ब्राह्मण हैं। पूर्व मंत्री जितिन प्रसाद के सांसद और केंद्र में मंत्री बनने के बाद योगी मंत्रिमंडल में ब्राह्मण कोटे की एक सीट खाली है। हालांकि, सूत्र बताते हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार में दो ब्राह्मण चेहरों को मंत्री बनाया जा सकता है। दलित वर्ग से 1 या 2 मंत्री हो सकते हैं
योगी सरकार में एक कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य समेत कुल 8 मंत्री दलित वर्ग से हैं। यूपी विधानसभा में कुल 86 सीटें आरक्षित हैं। इनमें SC के लिए 84, जबकि ST के लिए 2 सीटें सुरक्षित की गई हैं। इनमें 67 दलित विधायक भाजपा के हैं। दलितों की नाराजगी दूर करने के लिए भाजपा अंबेडकर जयंती पर हर विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रमों का आयोजन कर चुकी है। सरकार ने भी डॉ. बीआर अंबेडकर मूर्ति विकास योजना भी लागू की है। जानकारों का मानना है कि मंत्रिमंडल विस्तार में दलित वर्ग से एक-दो मंत्री बनाए जा सकते हैं। महिलाओं के लिए मंत्रिमंडल में बनेगी जगह
यूपी विधानसभा में 51 महिला विधायक हैं। इनमें भाजपा की 30, अपना दल (एस) की 4 और रालोद की 1 विधायक हैं। योगी सरकार में कुल 5 महिला मंत्री हैं। महिला आरक्षण लागू करने के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल संसद में पास नहीं हो सका। भाजपा महिलाओं के बीच विपक्ष के खिलाफ इसे मुद्दा बना रही है। ऐसे में मंत्रिमंडल में महिला मंत्रियों की संख्या बढ़ाकर भाजपा संदेश देने की कोशिश कर सकती है। भूपेंद्र चौधरी मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं पिछड़े वर्ग से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, धर्मपाल सिंह, राकेश सचान, अनिल राजभर, दारा सिंह चौहान और चौधरी लक्ष्मी नारायण कैबिनेट मंत्री हैं। सहयोगी दलों से कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल, ओमप्रकाश राजभर और संजय निषाद भी पिछड़े वर्ग से हैं। 5 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार हैं और 6 राज्यमंत्री हैं। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार में पिछड़े वर्ग से भी एक-दो मंत्री बनाए जाएंगे। इनमें जाट समाज से आने वाले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी प्रबल दावेदार हैं। चौधरी को 2022 में कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दिलवाकर प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। वहीं, MLC रामचंद्र प्रधान की मंत्री पद की दावेदारी भी मजबूत है। पहले मंत्रिमंडल विस्तार में बनाए गए थे 4 मंत्री योगी 2.0 का पहला विस्तार लोकसभा चुनाव- 2024 से ठीक पहले 5 मार्च, 2024 को हुआ था। इस दौरान 4 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी। इनमें सपा से गठबंधन तोड़कर भाजपा के साथ आने वाले सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर, सपा छोड़कर भाजपा जॉइन करने वाले दारा सिंह चौहान, रालोद कोटे से अनिल कुमार और भाजपा के सुनील शर्मा को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी। जानिए अभी योगी कैबिनेट में कौन-कौन मंत्री हैं ——————————- यह खबर भी पढ़े – योगी बोले- लोकसभा में द्रौपदी के चीरहरण जैसा बर्ताव हुआ, सपा के पास पाप धुलने का मौका था सीएम योगी ने रविवार को भाजपा और सहयोगी दलों के साथ लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान संसद में महिला आरक्षण बिल को लेकर सपा-कांग्रेस को आड़े हाथ लिया। योगी ने कहा- संसद में महिला सांसदों की संख्या 78 है। पीएम मोदी इसे बढ़ाना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस-सपा बैरियर बने। सपा के पास गेस्ट हाउस कांड के पाप धोने का मौका था। पूरी खबर पढ़िए.…

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