मोतिहारी के रक्सौल में लव जिहाद का मामला सामने आया है। मुस्लिम युवक ने हिन्दू बनकर नेपाल की लड़की से शादी की। फिर चार सालों तक अपनी पहचान छिपाकर रखी। बताया जा रहा है कि हिंदू लकड़ी गायिका हैं और नेपाल के विराट नगर की रहने वाली है। मुस्लिम युवक पहले से शादीशुदा था। मामला हरपुर थाना क्षेत्र के कचूरवाड़ी गांव का है। हरपुर थानाध्यक्ष प्रियंका कुमारी ने बताया कि मामला गुरुवार को संज्ञान में आया है। लड़की संगीता थाने में शिकायत लेकर आई थी। दोनों प्रेम करते थे। इसके बाद दोनों ने शादी की। लड़का फरार है, उसे ढूंढा जा रहा है। सिलसिलेवार पढ़िए, लड़की ने शिकायत में क्या- क्या कहा पीड़ित गायिका संगीता पासवान के मुताबिक, रक्सौल में साल 2022 में हनुमान आराधना के प्रोग्राम में वो प्रस्तुति देने आई थीं। इसी दौरान हसरे आलम से मुलाकात हुई, जिसने खुद को ‘राज’ बताया था। आलम ने मेरी तारीफ की और कार्यक्रम कराने के बहाने मेरा नंबर लिया। इसके बाद आलम लगातार फोन करने लगा और बातचीत के दौरान हम दोनों में प्यार हो गया। संगीता के अनुसार, आलम जब भी उससे मिलने आता था तो वो तिलक लगाकर आता था और खुद को राम भक्त बताता था। जून 2022 में दोनों ने नेपाल के एक शिव मंदिर में हिन्दू रीति-रिवाज से शादी की और नेपाल के बीरगंज में एक कमरा लेकर रहने लगे। शादी के एक साल बाद बेटी का जन्म, यहीं से शुरू हुआ शक संगीता ने बताया कि शादी के एक साल बाद 2023 मैंने बेटी को जन्म दिया। बेटी के जन्म की खबर सुनते ही हसरे आलम ने कहा, “या अल्लाह, ये तुमने क्या किया।” जब हमने उससे पूछा कि हिन्दू होकर तुमने ऐसा क्यों कहा, तो उसने हड़बड़ाकर इसे मजाक बताया था। इसके बाद से शक होना शुरू हुआ। इसके बाद मैंने उससे परिवार के बारे में पूछा तो उसने एक महिला से मिलवाया और कहा- ये मेरी बहन है, लेकिन बाद में पता चला कि वह उसकी बहन नहीं पहली पत्नी थी। वह जानबूझकर हिंदू बनने का नाटक किया और मुझसे शादी की। सानिया खातुन नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवा दिया साल 2024 के जून महीने में हसरे आलम ने बोला कि तुम्हे आदापुर चलना होगा, वहां से एक सिम तुम्हारे नाम से निकालना है। तब मैं उसके साथ आदापुर गई। उसने दुकानदार को मेरे नाम से बना आधार कार्ड दिया। दुकानदार ने मेरा नाम सानिया खातून बताया तो मैं चौक गई। मैंने दुकानदार से कहा मैं सानिया खातून नही संगीता पासवान हूं। तो उसने बताया कि आधार कार्ड तो सानिया खातून का है। मैंने आधार कार्ड देखा तो उस आधार कार्ड पर मेरी तस्वीर थी। मैं पढ़ी लिखी नही हूं। इसलिए मैं अपना नाम नहीं पढ़ सकी, लेकिन तस्वीर आधार कार्ड पर मेरी ही थी। जब दुकानदार ने जांच किया तो उसने बताया कि आधार कार्ड जाली बनाया गया है। तब मैंने उससे पूछा कि मेरा मुस्लिम नाम से आधार कार्ड क्यों बनाया तो उसने कहा कि तुम्हारा नेपाल का नागरिकता है। नाम और एड्रेस नहीं बदलता तो तुम्हारा आधार कार्ड नहीं बन पाता। एक हफ्ते पहले खुला राज, मारपीट कर घर से निकाला 8 मई यानी शुक्रवार को जुमे के दिन मैं किसी काम से बाजार गई थी, जब घर लौटी तो देखा कि हसरे आलम उर्फ राज नमाज पढ़ रहा था। ये देखकर मैं चौक गई। मैंने पूछा ये क्या कर रहे हो। तुम तो हमेशा राम का नाम लेते थे, आज तुम नमाज पढ़ रहे हो, तब उसने झलझला कर कहा कि मैं मुस्लिम हूं। मैंने नकली हिन्दू बनकर तुमसे शादी की है। इसके दो दिन बाद उसने कहा मेरे साथ रहना है तो तुम्हे मुस्लिम धर्म कबूल करना होगा। तभी तुम मेरे साथ रह सकती हो। मैंने मुस्लिम धर्म कबूल करने से इनकार किया तो मारपीट कर भगा दिया। 8 महीने की प्रेग्नेंट होने के बावजूद घर से निकल दिया तो रक्सौल रेलवे स्टेशन पर तीन रात गुजारी। 14 मई यानी गुरुवार को मुझे स्वच्छ रक्सौल संगठन के अध्यक्ष रंजीत सिंह मिले तो वो अपने शेल्टर होम ले आए। संगीता ने बताया कि मैं मर जाऊंगी, लेकिन मुस्लिम धर्म काबूल नहीं करूंगी। स्वच्छ रक्सौल संगठन के अध्यक्ष रंजीत सिंह ने बताया कि युवक हसरे आलम आदापुर प्रखंड के हरपुर थाना क्षेत्र के कचूरवारी गांव का रहने वाला है। इसकी शिकायत हरपुर थाने में की है। दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है हरपुर थानाध्यक्ष प्रियंका कुमारी ने बताया कि लव जिहाद की तरह एक मामला सामने आया है। अभी संदेहास्पद है। दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है। रविवार को दोनों पक्षों को बुलाया गया है। बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।