लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस वर्ष शिवभूमि चंबा की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा में शामिल होंगे। जिला कांग्रेस कमेटी चंबा के अध्यक्ष एडवोकेट सुरजीत शर्मा भरमौरी ने बताया कि राहुल गांधी को यात्रा में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया गया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। एडवोकेट सुरजीत शर्मा ने बताया कि उनके माता-पिता ने राहुल गांधी को यह निमंत्रण सौंपा था। उनके संभावित आगमन को लेकर भरमौर और चंबा क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों का मानना है कि एक राष्ट्रीय स्तर के नेता की उपस्थिति से इस यात्रा को नई पहचान मिलेगी। आगमन को लेकर लोगों में खासा उत्साह शर्मा ने कहा कि यह पहल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मणिमहेश यात्रा पहले से ही हिमाचल प्रदेश के प्रमुख तीर्थों में से एक है और राहुल गांधी की भागीदारी इसे राष्ट्रीय स्तर पर अधिक पहचान दिला सकती है। भरमौर की पवित्र वादियों में उनके संभावित आगमन को लेकर लोगों में खासा उत्साह है और वे इस क्षण के साक्षी बनने को उत्सुक हैं। केदारनाथ तीर्थ की कर चुके हैं यात्रा इससे पहले राहुल गांधी उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ तीर्थ की यात्रा कर चुके हैं। वहां उन्होंने भगवान शिव के दर्शन कर देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की थी। मणिमहेश यात्रा में उनके आगमन को इसी धार्मिक आस्था की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है। हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं मणिमहेश यात्रा का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष है। इस पवित्र यात्रा का केंद्र मणिमहेश झील है, जो कैलाश पर्वत की छाया में स्थित है। जन्माष्टमी से राधाष्टमी तक चलने वाली यह यात्रा सदियों से आस्था का प्रतीक रही है, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु पवित्र स्नान और दर्शन के लिए पहुंचते हैं।