रोहतक में छात्र संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन (AIDSO) ने नीट पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रकट करते हुए NTA का पुतला फूंका। साथ ही कहा कि बिना प्रशासनिक व राजनीतिक संरक्षण के पेपर लीक नहीं हो सकता। इसके लिए जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। AIDSO के प्रदेश सचिव उमेश मौर्या ने कहा कि एक के बाद एक पेपर लीक की घटनाएं परीक्षा और जांच एजेंसियों पर संदेह पैदा कर रही है। 2024 में पेपर लीक की न कोई जांच हुई और न ही दोषियों को सजा मिली, जिसकी वजह से इस बार पेपर लीक की घटना हुई है। इस तरह का संगठित भ्रष्टाचार ऊंचे पदों पर बैठे राजनीतिक और प्रशासनिक लोगों के बगैर संभव नहीं हो सकता है। पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होना चाहिए। NTA पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप छात्र नेता उमेश मौर्या ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि एनटीए निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षाएं आयोजित करने में बार-बार विफल रहा है, इसलिए इस एजेंसी को भंग किया जाना चाहिए। अक्सर देखने में आता है कि जांच के नाम से लीपापोती करके दोषियों को बचा दिया जाता है। शिक्षा के निजीकरण से गरीब युवा पिछड़े छात्र नेता उमेश ने कहा कि शिक्षा के केंद्रीयकरण और निजीकरण करने से एक तरफ गरीब और पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों को एडमिशन मिलना मुश्किल हो जाता है, तो दूसरी तरफ करोड़ों रुपए के कोचिंग बिजनेस का साम्राज्य फलने फूलने लगता है, शिक्षा महंगी हो जाती है। पेपर लीक में बड़े कोचिंग संस्थानों की भूमिका भी संदेहास्पद है। इसलिए शिक्षा के केंद्रीयकरण और निजीकरण पर रोक लगनी चाहिए। पेपर लीक के लिए तय होनी चाहिए जवाबदेही छात्र नेता उमेश ने कि जब तक पेपर लीक मामले में सख्त जवाबदेही तय नहीं की जाती और असली दोषियों को सजा नहीं दी जाती, तब तक ऐसी घटनाएं बार-बार होती रहेंगी। पेपर लीक की न्यायिक निगरानी में पारदर्शी और समयबद्ध जांच होनी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। जांच के निष्कर्षों को पूरी तरह से सार्वजनिक करना चाहिए।