लुधियाना की डिवीजन नंबर 8 पुलिस ने कांग्रेस नेता इंदरजीत सिंह इंदी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़क निर्माण में लगे मजदूरों से मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में दर्ज FIR में पुलिस ने कोर्ट में सुनवाई से ठीक पहले रंगदारी (एक्सटॉर्शन) की गंभीर धारा जोड़ दी। यह मामला 15 अप्रैल को दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप है कि इंदी ने सड़क निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के साथ मारपीट की और काम में बाधा डाली। अब पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5) (एग्रेवेटेड एक्सटॉर्शन) भी जोड़ दी है। मजदूर ने लगाए धमकी के आरोप
बिहार के दरभंगा निवासी मजदूर रामादिंकर मुखिया ने अपने बयान में कहा कि वह ठेकेदार दिवेश सिंगला के साथ सग्गू चौक के पास सड़क निर्माण कार्य में लगा हुआ था। इसी दौरान इंदरजीत सिंह इंडी वहां पहुंचे और उसे धमकाने लगे। मजदूर के अनुसार, आरोपी ने ठेकेदार से मुनाफे में हिस्सा दिलाने का दबाव बनाया और बात न मानने पर टांगें तोड़ने की धमकी दी। पहले ही मिल चुकी थी अंतरिम जमानत
इंडी के वकील एडवोकेट विजय महेंद्रू ने बताया कि पुलिस ने पहले BNS की धारा 115(2), 351(2), 351(3), 132 और 221 के तहत केस दर्ज किया था। 17 अप्रैल को स्थानीय अदालत ने इंडी को अंतरिम जमानत दे दी थी और जांच में शामिल होने के निर्देश दिए थे। पुलिस पर सहयोग न करने का आरोप
बचाव पक्ष का आरोप है कि उनका मुवक्किल कई बार खुद थाने जाकर जांच में शामिल होने की कोशिश करता रहा, लेकिन पुलिस ने जानबूझकर उसे शामिल नहीं किया। इसके वीडियो सबूत भी मौजूद हैं। कोर्ट में नया मोड़, फिर मिली राहत
सोमवार को सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि FIR में रंगदारी की नई धारा जोड़ दी गई है। इसके बाद बचाव पक्ष ने तुरंत इस नई धारा में अंतरिम जमानत की अर्जी दी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। साथ ही पुलिस को इंडी को जांच में शामिल कराने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होगी।