बिहार के मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी पहली बार आज नालंदा की धरती पर कदम रखेंगे। वे जिले के सरमेरा प्रखंड अंतर्गत प्रणावां गांव में आयोजित श्री श्री 108 श्री शरण निवास बाबा महतो साहब की जन्मस्थली पर लगने वाले राजकीय मेले में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित होंगे। हाई-प्रोफाइल दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने सुरक्षा के ऐसे पुख्ता इंतजाम किए । चप्पे-चप्पे पर अधिकारियों और जवानों की तैनाती की गई है और सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने विस्तृत एडवाईजरी भी जारी कर दी है। बता दें कि खुद सिविल सर्जन सम्राट चौधरी के खाने की जांच करेंगे और सीएम के ब्लड ग्रुप से मिलने वाले 2 जवान भी कल तैनात रहेंगे। डीएम और एसपी ने संयुक्त आदेश जारी किया मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे ‘जेड प्लस’ और एएसएल (एडवांस सिक्योरिटी लायजन) सुरक्षा श्रेणी में आते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए डीएम और एसपी ने संयुक्त आदेश जारी कर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। परनावा गांव में ही अस्थाई हेलीपैड का निर्माण कराया गया है, जहां लैंडिंग के दौरान धूल न उड़े इसके लिए प्रशासन की ओर से निरंतर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए परनावा स्थित आईटीआई कॉलेज में एक अत्याधुनिक ‘सेफ हाउस’ तैयार किया गया है। पूरे सभा स्थल, हेलीपैड और पहुंच पथों पर विशेष शाखा, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की ओर से सघन एंटी-सबोटाज चेकिंग की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना की गुंजाइश न रहे। सीएम के खाने की जांच सिविल सर्जन करेंगे सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। सिविल सर्जन को निर्देश दिए गए हैं कि वे मुख्यमंत्री को परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों की स्वयं जांच सुनिश्चित करें। भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान (विम्स), पावापुरी और बिहारशरीफ सदर अस्पताल में विशेष मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं, जहां एक-एक ऑपरेशन थियेटर को डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ रिजर्व रखा गया है। मुख्यमंत्री के काफिले के साथ जीवन रक्षक एंबुलेंस और उनके ब्लड ग्रुप से मैच करने वाले दो स्वस्थ जवानों को भी तैनात किया गया है। भीड़ और यातायात नियंत्रण के लिए भी कड़े नियम लागू किए गए हैं। कार्यक्रम स्थल और हेलीपैड के आसपास आवारा पशुओं के प्रवेश को रोकने की जिम्मेदारी जिला पशुपालन पदाधिकारी और नगर पंचायत सरमेरा को सौंपी गई है। सुरक्षा घेरे को और मजबूत करने के लिए कार्यक्रम स्थल पर आंसू गैस दस्ता, वज्रवाहन और वाटर कैनन की तैनाती की गई है, ताकि भीड़ को नियंत्रित करने में कोई बाधा न आए। प्रशासन की इन तैयारियों से स्पष्ट है कि परनावा में होने वाला यह राजकीय मेला न केवल आस्था का केंद्र होगा, बल्कि सुरक्षा के मामले में भी एक मिसाल पेश करेगा।