सिक्किम समेत अब पूरे देश में सिख दंपति आनंद मैरिज एक्ट के तहत शादियां रजिस्डर्ट करवा सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद अब सिक्किम ने भी आनंद मैरिज एक्ट के तहत 1 जून से रजिस्ट्रेशन करवाने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस ऐतिहासिक बदलाव के बाद अब सिक्किम में रहने वाले सिख जोड़े अपनी पारंपरिक ‘आनंद कारज’ रस्म के तहत हुए विवाह को बिना किसी कानूनी अड़चन के सीधे रजिस्टर करा सकेंगे। दरअसल देश के सभी राज्यों में आनंद मैरिज एक्ट के तहत शादियों का रजिस्ट्रेशन हो रहा था लेकिन सिक्किम ने इस संबंध में नियम नहीं बनाए थे। मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा तो भी सिक्किम सरकार ने इसे लागू नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट ने जब सरकार को दोबारा फटकार लगाई तो अब इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है और एक जून से सिक्किम में सिख दंपति मैरिज रजिस्टर्ड करवा सकेंगे। अमनजोत सिंह चड्ढा ने की थी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर सिक्किम में रहने वाले अमनजोत सिंह चड्ढा ने इसके लिए कानूनी लड़ाई है। अमनजोत सिंह चड्ढा ने सिख समुदाय के वैवाहिक अधिकारों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32 (Article 32) के जनहित याचिका दायर की थी। अपनी इस याचिका में उन्होंने अदालत से प्रार्थना की थी कि देश के जिन राज्यों ने अब तक आनंद मैरिज एक्ट को लेकर अपने नियम तय नहीं किए हैं, उन्हें अदालत की तरफ से एक सख्त आदेश जारी किया जाए। उनकी मांग थी कि सभी राज्यों को 2012 के केंद्रीय संशोधन के तहत अपने-अपने राज्यों में विवाह पंजीकरण के नियम अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए जाएं। इसी याचिका पर गहन सुनवाई करते हुए सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने वह ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिसके सुखद परिणाम अब 2026 में धरातल पर दिखने लगे हैं। क्यों पड़ी याचिका दायर करने की जरूरत, सिखों की मजबूरी की पूरी कहानी