हरियाणा 590 करोड़ के आईडीएफसी-AU स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाले में सरकार का एक्शन जारी है। केंद्रीय जांच एजेंसी CBI को सरकार की ओर से 3 और आईएएस अफसरों के खिलाफ पूछताछ के लिए 17-A की मंजूरी दे दी है। इन आईएएस अधिकारियों में साकेत कुमार, डीके बेहरा और मनीराम का नाम शामिल है। साकेत कुमार हरियाणा मुख्यमंत्री ऑफिस (CMO) में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं, लेकिन इस घोटाले में नाम आने के बाद सीएम नायब सैनी के निर्देश पर सीएमओ से हटा दिया गया है। इस पूरे बैंक घोटाले को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। तीन और खुलासे सीबीआई की जांच में हुए हैं, जो अभी तक सामने नहीं आए हैं। यहां पढ़ते हैं कौन से हैं वह 3 खुलासे… 1. IAS अनीश यादव ने खोला घोटाला 2014 बैच के आईएएस अनीश यादव ने इस बहुचर्चित घोटाले का खुलासा किया। दरअसल, 2024 में तत्कालीन एग्रीकल्चर डायरेक्टर अनीश यादव ने इस मामले की जांच के लिए एक तीन मेंबर कमेटी बनाई थी। इस कमेटी की जांच में इस पूरे घोटाले का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि आईडीएफसी बैंक में 50 करोड़ और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में नियमों को ताक पर रखकर 25 करोड़ रुपए जमा किए गए। सबसे अहम बात यह है कि इस केस के खुलासे के बाद विजिलेंस जांच में भी इसी कमेटी की रिपोर्ट को आधार बनाया गया। अब इस मामले में इस रिपोर्ट को सीबीआई भी डाक्यमेंट बना चुकी है। 2. अफसर ने बैंक खाता बदलने का प्रेशर बनाया सामने आए डाक्यूमेंट में ये भी खुलासा हुआ है कि पंचायत विभाग में तैनात एक बड़े अफसर की ओर से दूसरे अफसरों पर दोनों बैंकों में अकाउंट खोलने का प्रेशर बनाया गया। ज्यादा प्रेशर होने पर आईएएस डीके बेहरा की ओर से एक लेटर जारी किया गया, जिसमें लिखा गया कि विभाग के सीनियर ऑफिसर से टेलीफोन पर डिस्कशन के बाद दो नए बैंकों में खाता खोलने के ऑर्डर जारी किए गए। सबसे अहम बात यह है कि इस पूरे मामले के डाक्यूमेंट सीबीआई ने अपनी जांच में शामिल किए हैं। 3. मंत्री ने की बर्खास्त सुपरिटेंडेंट बहाली की सिफारिश इस पूरे केस में अहम आरोपी पंचायत विभाग के सुपरिटेंडेंट के पद से बर्खास्त नरेश कुमार की बहाली की सिफारिश सरकार के एक मंत्री के द्वारा की गई। हालांकि ये सिफारिश इस घोटाले के खुलासे से पहले की गई। विजिलेंस जांच में नरेश कुमार के खाते में 11 करोड़ रुपए आने के साथ और भी कई सबूत मिल चुके हैं। नरेश कुमार ने इस पैसे से एक फॉच्यूनर गाड़ी ली, मोहाली में फ्लैट लिया और बेटी के खाते में 10 लाख रुपए भी जमा किए। हालांकि अब नरेश कुमार से सीबीआई पूछताछ कर रही है, वह अभी जेल में है।