पश्चिम बंगाल का 3 साल का आदित्य प्रधान जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। वह स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) नाम की दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है। बच्चे के इलाज के लिए करीब 9 करोड़ रुपए के इंजेक्शन की जरूरत है, जबकि हर महीने दवाइयों और इलाज पर 12.40 लाख रुपए खर्च हो रहे हैं। इकलौते बेटे की जिंदगी बचाने के लिए परिवार गहने, घर, गाड़ी और जमा पूंजी तक बेच चुका है। मां के मुताबिक दिल्ली AIIMS के डॉक्टरों ने बताया कि अगर 2 महीने में इंजेक्शन नहीं लगा तो बच्चे की जान जा सकती है। मां ने कहा कि अगर बेटे को कुछ हो गया तो उनकी जिंदगी भी खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब-चंडीगढ़ के लोग बड़े दिलवाले होते हैं। जरूरतमंद की मदद के लिए आगे भी आते हैं। इसी सोच के साथ वह बुधवार को चंडीगढ़ पहुंचे। बेटे की जान बचाने के लिए माता-पिता ने लोगों से मदद की अपील की है। मदद मांगते हुए दोनों भावुक हो गए। बच्चे की मां ने बताई पूरी कहानी, 6 पॉइंट में पढ़ें…