2 लाख करोड़ में बिहार में बिछेगा एक्सप्रेसवे का जाल:120km की रफ्तार, 5 घंटे में गोपालगंज से सिलीगुड़ी, 15 हाईवे की पूरी डिटेल्स

बिहार में गोरखपुर सिलीगुड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे और रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे जैसी छह लेन और चार लेन की 15 सड़कें बन रही हैं। इन पर 2.11 लाख करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। इन सड़कों से राज्य की तरक्की को रफ्तार मिलेगी। कारें 120 km/h की रफ्तार से दौड़ेंगी। गोपालगंज से सिलीगुड़ी मात्र 5 घंटे में पहुंच जाएंगे। कोलकाता और दिल्ली जैसे महानगरों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। भास्कर की खास रिपोर्ट में पढ़िए, बिहार में कौन से प्रमुख फोर लेन और 6 लेन सड़कों का निर्माण चल रहा है। इनसे क्या लाभ होगा। गोरखपुर सिलीगुड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, 120km/h की रफ्तार से दौड़ेगी कार गोरखपुर सिलीगुड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से असम, मेघालय और सिक्किम जैसे नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में जाना आसान होगा। वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, 5 घंटे में गया से जा सकेंगे कोलकाता वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण 7 फेज में होगा। 6 लेन का यह एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे यूपी, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ेगा। रक्सौल-हल्दिया ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे से निर्यात होगा आसान रक्सौल-हल्दिया ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इस सड़क के लिए एक पैकेज में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है और दूसरे पैकेज में निर्माण कार्य प्रगति पर है। आमस-दरभंगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, 4 घंटे में गया से जाएंगे दरभंगा आमस-दरभंगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे दक्षिण बिहार को उत्तर बिहार से सीधा जोड़ेगा। इसका ज्यादातर हिस्सा 6 लेन का होगा। कुछ जगहों पर 4 लेन भी होगा। पटना में जाम की परेशानी खत्म करेगा रिंग रोड पटना रिंग रोड परियोजना का कार्य प्रगति पर है। इसका उद्देश्य पटना शहर में बढ़े ट्रैफिक को कम करना है। बिदुपुर-दिघवारा एक्सप्रेसवे, गंगा के उत्तरी किनारे पर बनेगा मरीन ड्राइव बिदुपुर-दिघवारा एक्सप्रेसवे के रूप में गंगा नदी के उत्तरी किनारे पर 56 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव बनेगा। इसे पीपीपी मोड पर बनाया जाना है। पटना पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, 3 घंटे में पटना से जा सकेंगे पूर्णिया पटना पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे 6 लेन का है। काम 2028 तक पूरा करना है। डीपीआर मंजूर है। राम जानकी मार्ग, अयोध्या से 5 घंटे में पहुंच सकेंगे सीतामढ़ी अयोध्या से नेपाल के जनकपुर को जोड़ने वाले राम जानकी मार्ग पर काम चल रहा है। 4 लेन वाले इस हाईवे से बिहार में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पटना गया डोभी कॉरिडोर, 90 मिनट में पटना से जाएंगे गया पटना के सिपारा से गयाजी के डोभी तक चार लेन की सड़क बनी है। इससे पटना से गया 90 मिनट में पहुंचा जा सकता है। मोकामा-मुंगेर फोरलेन, टाल क्षेत्र का होगा विकास मोकामा-मुंगेर फोरलेन बक्सर-भागलपुर कॉरिडोर का हिस्सा है। इससे मुंगेर से पटना की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। मुंगेर के आगे यह भागलपुर और झारखंड के मिर्जाचौकी तक जाएगी। इससे पटना से झारखंड जाना आसान होगा। दानापुर-बिहटा-कोईलवर एलिवेटेड कॉरिडोर, 20 मिनट में जा सकते हैं एयरपोर्ट दानापुर-बिहटा-कोईलवर एलिवेटेड कॉरिडोर की लंबाई 25 किमी है। जून 2027 तक इसका निर्माण पूरा करना है। रजौली-बरियारपुर कॉरिडोर, झारखंड जाने में लग रहा कम समय रजौली-बरियारपुर कॉरिडोर दक्षिण बिहार, मगध और अंग क्षेत्र को तेज कनेक्टिविटी दे रहा है। पटना मानिकपुर-अरेराज-बेतिया फोरलेन, 3 घंटे में पटना से जा सकेंगे बेतिया पटना मानिकपुर-अरेराज-बेतिया फोरलेन के फर्स्ट फेज को अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। चार फेज में यह प्रोजेक्ट पूरा होना है। इससे पटना से बेतिया तीन घंटे में पहुंच सकेंगे। विश्वामित्र पथ, बाढ़ से बचाव के साथ आरा-बक्सर जाना होगा आसान भोजपुर जिले के कोइलवर से बक्सर तक बन रहे विश्वामित्र पथ के सर्वे के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद डीपीआर बनेगा और टेंडर जारी किया जाएगा। पटना-आरा-सासाराम ग्रीनफील्ड हाईवे, पटना से 2 घंटे में जा सकेंगे रोहतास चार लेन वाले पटना-आरा-सासाराम ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण मई 2026 से शुरू है। इससे पटना, भोजपुर और रोहतास के लोगों को सबसे अधिक फायदा होगा। इसका निर्माण दो चरण में हो रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *