बहादुरगढ़ में PVC गोदाम में लगी आग, युवक जिंदा जला:एक एकड़ में फैला कबाड़ और झुग्गियां जलकर राख; अंदर सो रहा था

झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में छोटूराम नगर में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। अवैध रूप से चल रहे पीवीसी कबाड़ के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। हादसे में झुग्गी में सो रहा एक प्रवासी युवक जिंदा जल गया, जबकि आसपास का पूरा इलाका आग की चपेट में आ गया। जानकारी के अनुसार, आग अवैध रूप से संचालित पीवीसी कबाड़ के गोदाम में लगी, जो करीब एक एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ था। आग इतनी तेजी से फैली कि कबाड़, मशीनें, झुग्गियां और अन्य सामान देखते ही देखते जलकर राख हो गए। आसपास रहने वाले लोगों में अफरा-तफरी मच गई। झुग्गी में सो रहा युवक नहीं बच पाया हादसे के वक्त एक झुग्गी में सो रहा प्रवासी युवक आग की चपेट में आ गया। आग इतनी भयावह थी कि उसे बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और वह जिंदा जल गया। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के गोंडा के शिवबाबू के रूप में हुई है, जो करीब ढाई महीने पहले ही यहां काम के लिए आया था। फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियों ने पाया काबू फायर ऑफिसर दीपांशु के अनुसार, सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की करीब 8 गाड़ियां मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक युवक की जान जा चुकी थी। आग बुझाने में काफी समय लगा, जिससे नुकसान और बढ़ गया। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और नागरिक अस्पताल में रखवाया। परिजनों के आने और बयान दर्ज होने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। अवैध रूप से चल रहा था गोदाम बहादुरगढ़ में अवैध पीवीसी कबाड़ का कारोबार अब गंभीर समस्या बन चुका है। शहर के कई इलाकों में ऐसे गोदाम बिना किसी अनुमति के चल रहे हैं, जहां सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं होते। यही कारण है कि आए दिन आगजनी जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं। इन गोदामों से निकलने वाला जहरीला धुआं न केवल आग के समय, बल्कि सामान्य दिनों में भी इलाके की आबोहवा को प्रदूषित कर रहा है। इससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। प्रशासन की कागजों तक सीमित कार्रवाई हालांकि प्रशासन द्वारा बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अवैध प्लास्टिक कबाड़ के गोदामों पर रोक लगाई गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग नजर आते हैं। कार्रवाई सिर्फ नोटिस और कागजी प्रक्रिया तक सीमित रह गई है। बड़ा सवाल से ये हैं कि आखिर कब तक ऐसे अवैध गोदाम लोगों की जान लेते रहेंगे। क्या प्रशासन इस गंभीर समस्या पर सख्त कदम उठाएगा या फिर ऐसे हादसे यूं ही होते रहेंगे।

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