पटियाला का युवक यूक्रेन युद्ध में फंसा:रूसी सेना में धोखे से किया भर्ती, फ्रंटलाइन पर लड़ने को मजबूर; परिवार ने वापसी की लगाई गुहार

पटियाला का 35 वर्षीय गगनदीप सिंह यूक्रेन युद्ध में फंसा हुआ है। उच्च शिक्षा के लिए रूस गए गगनदीप को कथित तौर पर धोखे से रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया है और अब वह युद्ध के मैदान में फ्रंटलाइन पर लड़ने को मजबूर है। अब परिवार ने सुरक्षित भारत वापसी के लिए मदद की गुहार लगाई है। सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने इस संबंध में विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा है।
परिवार का अकेले सहारा है गगनदीप गगनदीप अपने माता-पिता और एक भाई की मृत्यु के बाद अपनी दो बहनों और बुजुर्ग दादी का एकमात्र सहारा है। पीड़ित परिवार ने निर्मल कुटिया सुल्तानपुर लोधी में राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मुलाकात की और गगनदीप की सुरक्षित वापसी की अपील की। जून में एम.ए. करने के बाद स्टडी वीजा पर गया रूस गगनदीप की बहन लखविंदर कौर ने बताया कि वह पिछले साल जून में एम.ए. करने के बाद स्टडी वीजा पर रूस गया था। शुरुआती कुछ महीनों तक वह परिवार के संपर्क में था, लेकिन सितंबर के बाद उसका संपर्क कम हो गया। बाद में पता चला कि उसके एक साथी ने गार्ड की नौकरी का झांसा देकर उसे रूसी सेना में भर्ती करवा दिया है। युद्ध में फ्रंटलाइन पर लड़ने को मजबूर लखविंदर कौर के अनुसार, गगनदीप पिछले लगभग सात महीनों से यूक्रेन युद्ध में फ्रंटलाइन पर लड़ने को मजबूर है, जबकि उसे कोई युद्ध प्रशिक्षण नहीं दिया गया था। उसके कई साथी मारे जा चुके हैं, जिससे वह मानसिक रूप से बहुत प्रभावित है। परिवार ने बताया कि एक होनहार छात्र के हाथों में कलम की जगह बंदूक थमा दी गई है और वही घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है। ठीक से खाना भी नहीं मिल रहा अन्य परिजन जगतार सिंह ने बताया कि आखिरी बातचीत में गगनदीप ने वहां के बेहद खतरनाक हालातों के बारे में बताया था, जहां हर समय गोलीबारी और बमबारी हो रही है। भाषा की समस्या के कारण उससे जबरदस्ती दस्तखत भी करवाए गए। उसे ठीक से खाना भी नहीं मिल रहा और वह हर तरफ तबाही के दृश्य देख रहा है, जिनकी वीडियो उसने परिवार के साथ साझा की हैं। सीचेवाल ने विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाया मुद्दा इस मौके पर राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि यह मामला वह जनवरी महीने से लगातार विदेश मंत्रालय के समक्ष उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास द्वारा भी गगनदीप की रिहाई के प्रयास जारी हैं। उन्होंने भारत सरकार से पुनः अपील की कि इस गंभीर स्थिति में तुरंत हस्तक्षेप किया जाए और रूस सरकार से संपर्क कर गगनदीप सिंह को सुरक्षित तरीके से वापस भारत लाया जाए।

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