बेगूसराय जिला कोर्ट ने दरोगा की गाड़ी से कुचलकर हत्या करने वाले 3 दोषियों को 5 साल की सजा सुनाई है। दिसबंर 2023 को ड्यूटी के दौरान शराब तस्करों ने दारोगा खामस चौधरी पर गाड़ी चढ़ा दी थी। 9 लोगों की गवाही के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (नवम) गौरव आनंद की अदालत ने बुधवार को ये फैसला सुनाया। अदालत ने नीमा चांदपुरा थाना क्षेत्र के अझौर गांव के रहने वाले आरोपी रितेश कुमार, पटना के रहने वाले मनीष कुमार और चांदपुरा के रहने वाले कृष्ण कुमार को पुलिस अधिकारी की हत्या और सरकारी काम में बाधा डालने का दोषी पाया था। इसके बाद आज सभी को सजा सुनाई गई है। अपर लोक अभियोजक (APP) विपिन राय ने बताया कि तीनों आरोपियों को धारा- 304 पार्ट-2 में 5-5 साल की सजा और 10-10 हजार जुर्माना किया गया है। जुर्माना नहीं देने पर एक महीना अतिरिक्त जेल में रहना होगा। दरोगा के 4 बच्चे हैं। इसमें 3 बेटियां और एक बेटा है। पत्नी चारों बच्चों को लेकर मायके में रहती है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए क्या था पूरा मामला और 3 साल तक केस में क्या-क्या हुआ… 2023 में चेकिंग के दौरान शराब माफिया ने कुचला था मामला 19-20 दिसंबर 2023 की रात का है। नावकोठी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शराब की एक खेप इलाके से गुजरने वाली है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए नावकोठी थाना के तत्कालीन पुलिस अवर निरीक्षक (SI) खामस चौधरी तीन होमगार्ड जवानों के साथ छतौना बूढ़ी गंडक पुल पर घेराबंदी कर गाड़ी की चेकिंग कर रहे थे। रात के करीब 12 बज रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार कार आती दिखाई दी। पुलिस टीम ने टॉर्च की रोशनी दिखाकर गाड़ी को रुकने का इशारा किया। लेकिन तस्करों ने गाड़ी धीमी करने के बजाय उसकी रफ्तार और बढ़ा दी और सीधे दारोगा खामस चौधरी को टक्कर मार दी। इसके बाद कार सवार मौके पर से भाग गए। टक्कर इतनी भयानक थी कि दारोगा खामस चौधरी करीब 5 फीट हवा में उछले और पुल के नीचे जा गिरे। करीब 40 फीट नीचे बोल्डर से सिर टकराने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसमें एक होमगार्ड जवान बालेश्वर यादव भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। घटना के बाद कार लेकर फरार आरोपियों को पुलिस ने वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर दबोचा। तस्करों की गाड़ी के आगे खड़े थे दरोगा दारोगा खामश चौधरी को रौंदने वाली अल्टो कार छतौना पुल से रोजाना देर रात को हाई स्पीड में गुजरती थी। गांव वाले दहशत में रहते थे कि यह कार न जाने किसी ना किसी की जान जरूर ले लेगी। एक ग्रामीण ने बताया कि यह कार कुछ दिनों से लगातार देर रात छतौना गांव से अझौर की ओर जाती थी। तस्करों की कार रोकने के लिए दारोगा खामश चौधरी कार के आगे खड़े हो गए थे। पुलिस के सीनियर अफसरों से मिली सूचना के बाद शराब तस्करों को पकड़ने के लिए दारोगा खामश चौधरी ने शराब तस्करों की कार रोकने का इशारा किया। जब कार चालक ने कार नहीं रोकी तो खामश चौधरी तस्करों की कार के आगे खड़े हो गए। उन्हें लगा कि पुलिस की वर्दी को देख कर शराब तस्कर कार रोक देगा। लेकिन शराब तस्करों ने हाई स्पीड में खामश चौधरी और बालेश्वर यादव के हवा में उड़ा दिया। थाना प्रभारी के बयान पर दर्ज हुई थी FIR इस मामले की प्राथमिकी नावकोठी थाना प्रभारी परशुराम सिंह के बयान पर दर्ज की गई थी। ट्रायल के दौरान अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक विपिन राय ने मजबूती से पक्ष रखा और कुल 9 गवाहों के बयान दर्ज कराए। गवाहों की पुष्टि और सबूतों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी ठहराया। तीनों आरोपियों को धारा- 304 (2) में गैर इरादतन हत्या, धारा- 353 में सरकारी कर्मचारी को कर्तव्य पालन से रोकने के लिए हमला और धारा- 323 के तहत स्वेच्छा से चोट पहुंचाने में दोषी पाया गया। दारोगा खामस चौधरी मधुबनी के रहने वाले थे। कोर्ट ने धारा- 353 में 2-2 साल का सश्रम कारावास और 5-5 हजार जुर्माना किया गया है।, जुर्माना नहीं देने पर 2 महीने और जेल में रहना होगा। धारा-323 में 6 महीने का सश्रम कारावास और 5-5 सौ जुर्माना किया गया है। जुर्माना नहीं देने पर 7 दिन और जेल में रहना होगा। तीनों सजा एक साथ चलेगी।