लुधियाना में पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु के करीबी सहयोगी और वार्ड नंबर 61 की पार्षद परमिंदर कौर के पति इंदरजीत सिंह इंदी के खिलाफ नगर निगम ने फिर से FIR दर्ज कर दी। इंदी पर FIR दर्ज होते ही लुधियाना में सियायी पारा बढ़ने लगा है। इंदी पर एफआईआर दर्ज होने की सूचना मिलते ही इस बार सबसे पहले जिला प्रधान संजय तलवाड़ आगे आए और पुलिस व प्रशासन को चेतावनी दे डाली कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ धक्केशाही किसी हाल में नहीं सही जाएगी। सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का कर सकते हैं ऐलान वहीं पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु अपने समर्थकों के साथ इस मामले में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहे हैं। उसमें सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान कर सकते हैं। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का अभी तक इस मामले में कोई बयान सामने नहीं आया। निगम के अफसरों को शहर में कड़ी आलोचना सुननी पड़ी इंदी के खिलाफ 20 दिसंबर 2025 को भी नगर निगम के सुपरवाइजर की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसे कोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया और नगर निगम के अफसरों को शहर में कड़ी आलोचना सुननी पड़ी। इंदी के खिलाफ अब फिर से उन्हीं धाराओं के तहत नगर निगम के जेई की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक आशु गुट के लीगल एक्सपर्ट ने इस FIR को भी कोर्ट में चैलेंज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सड़क निर्माण में बाधा डालने व वर्कर से मारपीट का आरोप वार्ड नंबर 61 में पड़ने वाली सड़क का निर्माण कार्य रात को चल रहा था। उसी दौरान पार्षद परमिंदर कौर के पति इंद्रजीत सिंह इंदी ने सड़क निर्माण के काम पर सवाल खड़े किए। इसी बात को लेकर बहस हुई। जेई ने पुलिस को दी शिकायत में इंदी पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि इन्होंने सड़क निर्माण में बाधा डाली है और वर्कर के साथ मारपीट की है। पुलिस ने जेई की शिकायत पर इंद्रजीत इंदी के खिलाफ पर्चा दर्ज कर दिया है। हालांकि अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। 20 दिसंबर को इन धाराओं के तहत हुआ था मामला दर्ज इंदी के खिलाफ 20 दिसंबर को लुधियाना नगर निगम के कमिश्नर (ए) की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, 132, 218, 221, 222, 224, 351 (3) और 62 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत के अनुसार रोज गार्डन सर्कल के प्रभारी अजय कुमार पर इंदी ने ड्यूटी के दौरान हमला किया था। 21 दिसंबर को, एक स्थानीय अदालत ने कांग्रेस नेता इंदरजीत सिंह इंदी को रिहा करने का आदेश दिया, उनकी गिरफ्तारी को ‘अवैध’ बताया और पुलिस द्वारा गंभीर प्रक्रियात्मक चूक की ओर इशारा किया। कोर्ट ने इंदी की गिरफ्तारी व एफआईआर पर उठाए थे ये अहम सवाल… राजा वड़िंग की कारगुजारी पर उठे थे सवाल दिसंबर में इंद्रजीत इंदी पर एफआईआर दर्ज होने और फिर उसकी गिरफ्तारी के बावजूद तब कांग्रेस के प्रदेश प्रधान व लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कोई बयान तक जारी नहीं किया था। जिसके बाद भारत भूषण आशु से लेकर चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रदेश प्रधान की कारगुजारी पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा कि पार्टी का मुखिया कार्यकर्ताओं के लिए आवाज नहीं उठाएगा तो पार्टी के साथ कौन काम करेगा। कांग्रेस में इस मुद्दे को लेकर लंबे समय तक बहस चलती रही। इस बार भी राजा वड़िंग ने अभी तक इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया। जिला प्रधान संजय तलवाड़ ने संभाला मौका अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और भारत भूषण आशु के बीच 36 का आंकड़ा है। इंदी आशु के सबसे करीबियों में से एक हैं। वहीं जिला प्रधान संजय तलवाड़ राजा वड़िंग गुट में हैं। जब इंदी पर दिसंबर में एफआईआर हुई तो राजा वड़िंग गुट ने चुप्पी साधे रखी। इस बार जैसे ही एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई तो संजय तलवाड़ ने तुरंत बयान जारी कर दिया और प्रशासन को चेतावनी दे दी। तलवाड़ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हर वर्कर के साथ खड़ी है और इस लड़ाई को पार्टी मजबूती से लड़ेगी। लुधियाना में पार्षदों व पार्षद पतियों पर अब तक दर्ज हुए मामले -विपक्षी पार्षदों पर एफआई दर्ज करने की शुरुआत मेयर इंद्रजीत कौर ने की। अगस्त 2025 में मेयर ने भाजपा के पार्षदों, पार्षद पतियों व कुछ नेताओं पर सरकारी काम में बाधा डालने और मेयर से बदलसलूकी का केस दर्ज करवाया। यह विवाद कई दिन चलता रहा। -दिसंबर 2025 में इंद्रजीत इंदी के खिलाफ नगर निगम कर्मचारी से मारपीट व सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज हुआ। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। – फरवरी 2026 में कांग्रेस पार्षद गौरव भट्टी पर केस दर्ज किया गया। उस पर आरोप था कि उसने सोशल मीडिया पर सरकार की छव को खराब करने का वीडियो पोस्ट किया। – पार्षद पति जतिंदर गोरियान पर धमकी देना की एफआई दर्ज हुई। कांग्रेस पार्षद सुखदेव बावा पर 70 लाख रुपए का फ्रॉड करने की एफआईआर हुई।