सोनीपत जिला पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए IPL-2026 के मैच पर चल रहे ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना बहालगढ़ पुलिस और CIA-1 टीम की संयुक्त रेड में एक सोसायटी के एक फ्लैट से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ये आरोपी सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेले जा रहे मैच पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी कर रहे थे। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैब और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। गुप्त सूचना के आधार पर हुई रेड पुलिस टीम कुमासपुर चौक, जीटी रोड पर गश्त कर रही थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि एपेक्स ग्रीन सोसायटी के टावर-C, फ्लैट नंबर 31 में ऑनलाइन सट्टेबाजी का धंधा चल रहा है। सूचना के अनुसार, आरोपी फर्जी सिम कार्ड और बैन वेबसाइट्स के माध्यम से लोगों को जाल में फंसाकर सट्टा खिला रहे थे। सूचना को पुख्ता मानते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई और तलाशी वारंट प्राप्त किया। फ्लैट में चल रहा था हाईटेक सट्टा नेटवर्क पुलिस टीम ने फ्लैट पर पहुंचकर दबिश दी। अंदर से आवाजें आ रही थीं, जिसमें एक व्यक्ति 10 हजार रुपए का दांव लगाने की बात कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने दोनों कमरों में एक साथ एंट्री कर आरोपियों को रंगे हाथों काबू कर लिया। आरोपी लैपटॉप, मोबाइल और टैबलेट के जरिए लाइव मैच पर सट्टा लगा रहे थे और अन्य लोगों को भी फोन के माध्यम से सट्टा खिला रहे थे। पंजाब और सोनीपत से जुड़े तार पुलिस ने मौके से कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें नीरज, साहिल, सचिन, कबीर, राहुल (सभी निवासी पंजाब), संदीप (सोनीपत), नमन (फ्लैट मालिक), नवीन, दीपक और नीतिश शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क चला रहे थे। भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण बरामद रेड के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई लैपटॉप, आईफोन, सैमसंग, वीवो, ओप्पो और अन्य कंपनियों के दर्जनों मोबाइल फोन, टैबलेट और एक वाई-फाई राउटर बरामद किया। ये सभी उपकरण सट्टेबाजी में इस्तेमाल किए जा रहे थे। पुलिस ने सभी सामान को जब्त कर सील कर लिया और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बैन वेबसाइट्स से करते थे धोखाधड़ी जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी सिम कार्ड और भारत सरकार द्वारा बैन की गई वेबसाइट्स का इस्तेमाल करते थे। ये लोग भोले-भाले लोगों को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर सट्टा खेलने के लिए उकसाते थे और खुद मोटा पैसा कमाते थे। यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था। नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(4), 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2) और हरियाणा पब्लिक गैंबलिंग प्रिवेंशन एक्ट 2025 की धारा 4 के तहत थाना बहालगढ़ में दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच उच्च अधिकारी को सौंपी गई है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य लिंक, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। संभावना है कि इस सट्टा रैकेट के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।