अमृतसर में सांसद अमृतपाल सिंह को असम की डिब्रूगढ़ जेल से पंजाब लेकर आने की मांग को लेकर बाइक रैली निकाली गई। अकाली दल वारिस पंजाब के नेतृत्व में यह रैली गोल्डन गेट से अटारी तक निकली। इसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया और सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अमृतपाल सिंह पर लगी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) खत्म हो चुकी है, इसके बावजूद उन्हें पंजाब नहीं लाया जा रहा। उनकी पेशी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करवाई जा रही है, जिसे वे उनके अधिकारों का उल्लंघन मानते हैं। अमृतपाल को पंजाब की अदालत में पेश करने की मांग वारिस पंजाब दे के नेताओं ने आरोप लगाया कि यह मामला मानवाधिकारों से जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि अमृतपाल सिंह पंजाब के निवासी हैं, इसलिए उन्हें पंजाब की अदालतों में पेश होने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए। संगठन के नेताओं का यह भी कहना है कि सरकार उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराई हुई है, इसी कारण उन्हें राज्य से बाहर रखा जा रहा है। नेताओं ने यह भी दावा किया कि जब अमृतपाल सिंह पंजाब में सक्रिय थे, तब उन्होंने नशे के खिलाफ एक बड़ी मुहिम चलाई थी, जिससे कई युवाओं ने नशा छोड़कर धार्मिक जीवन अपनाया। रैली से पहले नेताओं की नजरबंदी का आरोप, विरोध के बाद रिहाई सुखचैन सिंह (सांसद अमृतपाल सिंह के चाचा) का कहना था कि रैली से पहले कुछ नेताओं को नजरबंद किए जाने की भी बात सामने आई, लेकिन लोगों के विरोध के बाद पुलिस को उन्हें रिहा करना पड़ा। इस पूरे प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पुलिस बल तैनात रहा।