पंचकूला निगम चुनाव-वार्ड 10, 11 और 12 में बाहरी वोटर:बिरादरी समीकरण और मूलभूत सुविधाएं बनेगी निर्णायक, पेयजल और लावारिस डॉग्स बड़ा मुद्दा

पंचकूला के नगर निगम चुनाव में इस बार वार्ड 10, 11 और 12 हॉट सीट बनकर उभरे हैं, जहां मुकाबला सिर्फ उम्मीदवारों के बीच नहीं बल्कि बाहरी वोट बैंक, बिरादरी समीकरण और बुनियादी सुविधाओं की नाकामी के बीच है। प्रवासी मतदाताओं की निर्णायक भूमिका, पारंपरिक वोटों का बिखराव और पानी, सड़क व सफाई जैसे ज्वलंत मुद्दों ने चुनाव को बेहद रोचक बना दिया है। दैनिक भास्कर ऐप की टीम ने तीनों वार्डों के लोगों से बातचीत की तो सामने आया कि पेयजल संकट, टूटी गलियां, लावारिस पशु और जल निकासी जैसी मूलभूत समस्याएं चुनावी बहस के केंद्र में हैं। पिछले चुनाव के नतीजों और इस बार बदले प्रत्याशियों के चलते यहां कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। वार्ड 10 में बाहरियों की बहुलता पिछली बार जीता था BJP कैंडिडेट : पंचकूला शहर के वार्ड 10 में अभयपुर, सेक्टर-14 व इंडस्ट्रियल एरिया फेस-1 का एरिया आता है। वार्ड में यूपी-बिहार से आकर बसे लोगों की आबादी ज्यादा है। वार्ड में जाट-वैश्य-पंजाबी भी अच्छी स्थिति में हैं। इसलिए BJP ने प्रवासी शेखर पांडे को उम्मीदवार बनाया है। वहीं कांग्रेस ने सैनी बिरादरी के बलजीत सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। पिछली बार यहां से कांग्रेस की गुरमेल कौर ने 744 वोटों से जीत दर्ज की थी। वार्ड में 5963 पुरूष तथा 4572 महिला व ट्रांसजेंडर मतदाता है। पेयजल संकट व कच्ची गलियां बड़ा मुद्दा : वार्ड 10 के अभयपुर गांव निवासी अरविंद कुमार चौधरी के अनुसार गलियां टूटी हुई हैं। सड़क में 2 माह पाइप दबाई थी लेकिन अभी तक गलियों को नहीं ठीक किया गया। सीवरेज का पानी गलियां में फैला रहता है। सौदागर गुप्ता के अनुसार सड़क पर पानी खड़ा रहता है। पानी की सप्लाई कभी-कभी समय पर नहीं आती, जिसके कारण लोगों को परेशानी होती है। वार्ड-11: पंजाबी-वैश्य बहुल बिरादरी व बाहरियों का वर्चस्व 512 वोट से जीता था BJP ने पिछला चुनाव : पंचकूला शहर के वार्ड-11 में सेक्टर-12, 12 ए व रैली गांव का एरिया है। वार्ड में पंजाबी-वैश्य बिरादरी व बाहरियों का वर्चस्व है। इसलिए BJP ने यहां से अनुराधा पुरी को उम्मीदवार बनाया है। वहीं कांग्रेस ने अंजू को अपना प्रत्याशी बनाया है। पिछली बार वार्ड 11 से निर्दलीय ओमवती पूनिया ने 331 वोट से जीत दर्ज की थी, हालांकि वार्ड परिसीमन के चलते एरिया में बदलाव हुआ है। ओमवती पूनिया जीत के बाद BJP में शामिल हुई, लेकिन इस बार भी पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया, जिसके चलते वो इस बार फिर से निर्दलीय चुनाव में उतर गई हैं। वार्ड में 5692 पुरूष तथा 5218 महिला मतदाता हैं। पेयजल संकट और लावारिस पशु मुद्दा : वार्ड निवासी भीमसैन ने बताया कि कुछ समय पहले ही वार्ड में गली बनी थी। जिसका लेवल सही नहीं किया गया, जिसके कारण गली में पानी खड़ा होने लगा है। पेयजल सप्लाई यहां पर बेहद कम आ रही है, गर्मी का मौसम शुरू हो गया है तो लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पंजाबी-वैश्य बहुल है वार्ड-12 कांग्रेस कैंडिडट ने जीता था पिछला चुनाव : पंचकूला शहर के वार्ड-12 में सेक्टर-11, सेक्टर-4 व हरिपुर गांव आता है। वार्ड 12 में पंजाबी-वैश्य बिरादरी की बहुलता है। हरिपुर गांव में सोनी व बाहर से आए लोगों की संख्या काफी है। BJP और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने यहां से पंजाबी समुदाय से उम्मीदवार बनाए हैं। पिछली बार BJP के प्रत्याशी सोनू ने 323 वोटों से जीत दर्ज की थी। वार्ड में 5930 पुरूष तथा 5521 महिला मतदाता हैं। लावारिस पशु-कुत्ते व पानी निकासी समस्या : वार्ड निवासी सुनील ने बताया कि गलियां में पानी निकासी के लिए कोई नाली नहीं बनाई गई है। जिसके कारण पानी निकासी नहीं हो पाता है।
लावारिस कुत्तों की समस्या ज्यादा है। एक सप्ताह के दौरान ही 6-7 लोगों को डॉग काट चुके हैं। नगर निगम के अधिकारी कुछ नहीं कर रहे।

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