चंडीगढ़ में स्वगणना के बाद डोर-टू-डोर जनगणना शुरू हो गई है। यह जनगणना 30 मई तक चलेगी। जिन लोगों ने खुद रजिस्ट्रेशन कर सवालों के जवाब दिए थे, अब गणनाकर्ता घर-घर जाकर उन्हें वेरीफाई करेंगे। जिन लोगों ने स्वयं गणना में हिस्सा नहीं लिया है, उनसे सवाल पूछकर यह गणना करेंगे। जनगणना के दौरान लोगों से 33 सवाल पूछे जाएंगे। इसमें आपसे कोई दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे और न ही कोई OTP देना है। सिर्फ स्वगणना के समय मिला नंबर देना होगा। दो चरणों में चल रही जनगणना
जनगणना दो चरणों में चल रही है। पहले चरण में मकान की स्थिति, घर में उपलब्ध सुविधाएं एवं प्रॉपर्टी से संबंधित जानकारी एकत्रित की जा रही है। दूसरे चरण में जाति, धर्म, आधार आदि के बारे में पूछा जाएगा। 33 सवालों के देने हैं जवाब
जिन लोगों ने स्वयं गणना नहीं की है, उनसे अब गणनाकर्ता 33 सवाल पूछेंगे। इस काम के लिए 2045 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक बनाए गए हैं और 2050 गणनाकर्ता हैं, जिनके ऊपर 375 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। इनका प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जनगणना के नाम पर किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या फर्जी कॉल से सावधान रहें। पूरे शहर को 10 हिस्सों में बांटा गया है
जनगणना के लिए पूरे शहर को 10 हिस्सों में बांटा गया है, जिसमें हर हिस्से में लगभग 225 गणनाकर्ता तैनात किए गए हैं। वे लोगों से मकान, परिवार, संपत्ति और मूलभूत सुविधाओं से संबंधित सवाल पूछ रहे हैं। इसमें रेडियो, ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट की सुविधा, लैपटॉप, टेलीफोन, मोबाइल फोन, स्मार्टफोन और वाहन की जानकारी भी मांगी जा रही है।