जालंधर के वरियाणा डंप में देर रात (11 मई) आग लग गई। इससे पास में बसे रिहायशी एरिया में लोग खौफजदा हो गए। लोगों ने फायर ब्रिगेड को फोन कर मौके पर बुलाया।
फायर कर्मी गुरजंट सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही उनकी टीम वरियाणा डंप पर पहुंच गई। उनको बताया गया कि डंप सोमवार शाम 5 बजे सुलगना शुरू हुआ, लेकिन देर रात इससे आगे की लपटें निकलना शुरू हो गईं। फायर ब्रिगेड ने पानी की 6 गाड़ियों से छिड़काव किया और आग पर काफी हद तक काबू पा लिया है। बड़ी मात्रा में जमा होता है प्लास्टिक बता दें कि, जालंधर के वरियाणा में कचरे के बड़े-बड़े पहाड़ हैं, जिस पर शहर का कचरा फेंका जाता है। यहां बड़ी मात्रा में प्लास्टिक जमा होता है। अंदेशा है कि गर्मी की वजह से कांच कपने के चलते प्लास्टिक ने आग पकड़ ली। फायर फाइटर गुरजंट सिंह ने बताया कि आग पर काबू पाने में पूरी रात लग गई। कांच की गर्मी से कचरे में पड़े प्लास्टिक ने पकड़ी आग फायर फाइटर गुरजंट सिंह ने कहा कि बीते दिन बहुत तेज धूप थी। वरियाणा डंप पर प्लास्टिक के साथ कांच भी बड़ी मात्रा में है। धूप में कांच के तपने से प्लास्टिक ने आग पकड़ ली. जिससे डंप के कचरे ने इसे और फैला दिया। लोग घबराएं नहीं, आग पर पूरी तरह काबू पा लिया जाएगा। जब तक जालंधर फायर ब्रिगेड है, लोग चैन की नींद सो सकते हैं। फायर कर्मियों की अपील- जालंधर के लोग रास्ता देने की आदत डालें फायर फायटर्स ने आग बुझाते वक्त एक भावुक अपील भी की। गुरजंट सिंह ने कहा कि मेरी जालंधर वासियों से अपील है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी को रास्ता देने की आदत डालें। हमें हर रोज कहीं न कहीं आग लगने की सूचना मिलती है, लेकिन लोग रास्ता नहीं देते। यहां लोगों में इमरजेंसी सर्विस की गाड़ियों को रास्ता देने की बिल्कुल भी आदत नहीं है। गुरजंट ने कहा कि वे हेल्प के लिए जा रहे होते हैं, आपके रास्ता रोकने से किसी का बड़ा नुकसान हो सकता है। वहीं रास्ता देने से बड़ा नुकसान बच सकता है।