पंजाब विजिलेंस DG का करीबी बताकर डील करते थे बिचौलिए:CBI की FIR आई सामने, अधिकारी से 20 लाख और मोबाइल मांगा; रीडर फरार

पंजाब विजिलेंस रिश्वतकांड में पहली बार CBI की FIR सामने आई है। FIR में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार बाप-बेटे राघव गोयल और विकास गोयल उर्फ विक्की गोयल खुद को पंजाब विजिलेंस के डीजी शरद सत्य चौहान और उनके रीडर ओपी राणा का करीबी बताकर डील करते थे। आरोप है कि उन्होंने स्टेट टैक्स ऑफिसर अमित से विजिलेंस में लंबित शिकायत को बंद करवाने के बदले 13 लाख रुपए और एक महंगा मोबाइल फोन मांगा था। CBI ने चार लोगों पर केस दर्ज किया। इनमें पंजाब विजिलेंस के डीजी का रीडर ओपी राणा, विक्की गोयल, राघव गोयल और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल है। जांच में सामने आया है कि के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (डीए केस) की फर्जी शिकायत रीडर ने बिचौलियों के साथ मिलकर रची थी। शिकायत को असली दिखाने के लिए 29 अप्रैल को बिचौलिया बाप-बेचा अमित को विजिलेंस हेडक्वार्टर में लेकर गए व डीजी के ऑफिस में उसके डीए केस की गोपनीय जांच रिपोर्ट दिखाई। फिलहाल दोनों आरोपी रिमांड पर हैं, जबकि ओपी राणा अब भी फरार है। वहीं, सुरक्षा में तैनात गनमैन आज CBI के सामने पेश होंगे। FIR में क्या, 3 पॉइंट में पढ़िए… CBI की FIR की कॉपी…. अब इस केस में अब तक क्या-क्या हुआ 11 मई: CBI ने रिश्वत लेते पकड़ा
स्टेट टैक्स ऑफिसर अमित कुमार की शिकायत पर CBI ने चंडीगढ़ के होटल में ट्रैप लगाया। एक होटल में कमरा बुक करवाया गया, जहां बिचौलिए और अन्य लोग मिले। इसी दौरान सीबीआई टीम ने दबिश दी और आरोपी अंकित वाधवा को शिकायतकर्ता से 13 लाख रुपए नकद और मोबाइल फोन लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। राघव और विकास गोयल भागने लगे। लेकिन अंबाला के पास पकड़ लिए गए। ओपी राणा फरार हो गया। इसके बाद CBI ने मोहाली स्थित विजिलेंस हेडक्वार्टर में देर रात रेड की। रिकॉर्ड खंगाले गए और कई दस्तावेज कब्जे में लिए गए। 12 मई: 9 लाख कैश और दस्तावेज बरामद
मंगलवार सुबह करीब 7 बजे सीबीआई की टीमें दोबारा विजिलेंस कार्यालय पहुंचीं और पहली मंजिल पर स्थित दफ्तर में छानबीन शुरू की। शुरुआत में कर्मचारियों को बाहर रोका गया, लेकिन बाद में उन्हें अंदर जाने दिया गया। करीब 10 बजे विजिलेंस प्रमुख शरद सत्य चौहान अपने कार्यालय पहुंचे और बिना कुछ कहे अंदर चले गए। इसी दौरान सेक्टर-23 और एक अन्य स्थान पर भी सीबीआई ने दबिश दी, जहां से 9 लाख रुपए नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए। CBI ने गिरफ्तार आरोपी बाप-बेटा और अंकित बधवा को चंडीगढ़ की स्पेशल CBI कोर्ट मे पेश किया। अंकित का रिमांड सीबीआई ने नहीं मांगा। बाप-बेटे का 3 दिन का रिमांड गया। जिसके बाद कोर्ट उन्हें तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया। 12 पेजों की वॉट्सऐप चैट कोर्ट के समक्ष पेश की गई। 13 मार्च: 8 फर्जी शिकायतों का खुलासा
CBI सूत्रों के मुताबिक दोनों बिचौलिए काफी शातिर थे। जांच में 8 के करीब फर्जी शिकायतों का पता चला। CBI सूत्रों के मुताबिक, बिचौलिए मोहाली के एक गेस्ट हाउस में ठहरे थे, जिसकी बुकिंग भी किसी राजनेता ने करवाई थी। विजिलेंस ने उसकी रिकॉर्डिंग को कब्जे में ले लिया है। वह अफसरों से दोस्ती भी धर्म के आड़ में करते थे। वह जब किसी अफसर से मिलने जाते थे तो कहते थे कि बालाजी सालासर के उपासक हैं। वह अफसरों को प्रशाद व झंडा तक देते थे। इस तरह वह अफसरों के नजदीक जाते थे। इन अफसरों से संपर्क के बाद वह अपना काम करते थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *