जालंधर के 66 फीट रोड पर स्थित जालंधर हाइट्स-1 में खूनी संघर्ष का मामला सामने आया है। यहां AGI बिजनेस ग्रुप द्वारा बनाए गए क्लब हाउस के पास, 10 से 15 नकाबपोश हमलावरों ने 12वीं कक्षा के एक छात्र पर तेजधार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। हमलावर बिना नंबर की स्कार्पियो और स्विफ्ट कारों में सवार होकर आए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सिक्योरिटी गार्ड्स को धमकाते हुए फरार हो गए। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई है। बेसमेंट में गाड़ी पार्क कर किया हमला सीसीटीवी में देखा जा सकता है कि हमलावर अपनी गाड़ियों को सीधे बेसमेंट में ले जाकर पार्क कर देते हैं। इसके बाद, जालंधर के गुरजेपाल नगर के रहने वाले संजीव चोपड़ा के बेटे आरुष को इशारे से बाहर बुलाया जाता है। जैसे ही आरुष वहां पहुंचता है, गाड़ियों से निकले करीब 10 से 15 नकाबपोश युवक उस पर तेजधार हथियारों से टूट पड़ते हैं। आरुष 12वीं कक्षा का छात्र है और उस वक्त जालंधर हाइट्स में अपने एक दोस्त से मिलने आया था। सिर्फ ‘घूरने’ की बात पर किया जानलेवा वार घायल छात्र के पिता संजीव चोपड़ा ने बताया कि उनका बेटा जब क्लब हाउस के सामने फाउंटेन के पास खड़ा था, तभी हमलावरों ने उसे घेर लिया। इसके बाद XUV 700 गाड़ी (नंबर PB08-FM-5050) में सवार होकर आए सुधीर पुरी के बेटे और उसके साथियों ने आरुष पर हमला कर दिया। पिता के अनुसार, हमलावरों ने उनके बेटे पर सिर्फ इसलिए धावा बोला क्योंकि उनका आरोप था कि आरुष उनकी तरफ ‘घूर’ कर देख रहा था। आरोपी छात्र को लहूलुहान करने के बाद भी जाते-जाते जान से मारने की धमकियां देते रहे। सिक्योरिटी की खुली पोल, मूकदर्शक बने रहे गार्ड इस घटना ने जालंधर हाइट्स जैसी नामी सोसाइटी की थ्री-टियर सिक्योरिटी की पोल खोलकर रख दी है। हैरान करने वाली बात यह है कि जालंधर हाइट्स का यह सिक्योरिटी गेट पुलिस चौकी से महज कुछ ही दूरी पर स्थित है, फिर भी हमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे। जब हमलावर वारदात को अंजाम देकर बाहर भाग रहे थे, तो गेट पर मौजूद सिक्योरिटी ने उन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन हमलावर गार्ड्स से भी उलझ गए और उन्हें सीधे शब्दों में धमकाने लगे। डर के मारे सिक्योरिटी गार्ड मूकदर्शक बने रहे और आरोपी आसानी से गाड़ियां भगा ले गए।I घायल को अस्पताल से मिली छुट्टी इस मामले को लेकर चौकी इंचार्ज एएसआई (ASI) जसवीर सिंह ने बताया कि हमले में घायल हुए छात्र आरुष को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुख्य आरोपी सुधीर पुरी के बेटे, उसके नामजद साथी और अन्य अज्ञात युवकों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।