हरियाणा के यमुनानगर में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद महिला बैंककर्मी की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में ही जमकर हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि समय पर इलाज नहीं मिला। डॉक्टरों ने ऑपरेशन में भी लापरवाही की। हंगामे की सूचना पर सिटी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मृतका की पहचान एकता (28) के रूप में हुई है। एकता दिल्ली में HDFC बैंक में कैशियर के पद पर कार्यरत थी। करीब एक साल पहले ही उनकी शादी हुई थी। पहले सिलसिलेवार जानिए पूरा घटनाक्रम… अब पढ़िए, डिलीवरी के बाद क्या हुआ… दोपहर बाद बिगड़ने लगी तबीयत प्रतिभा ने बताया कि सुबह करीब साढ़े दस बजे ऑपरेशन हुआ। एकता ने एक बेटी को जन्म दिया। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने कहा कि मां और बेटी दोनों स्वस्थ है, हालांकि दोपहर करीब तीन बजे डॉक्टरों ने कहा कि एकता का ब्लड प्रेशर कंट्रोल नहीं हो रहा है। उसे काफी ब्लीडिंग हो रही है। रेफर करने में डेढ़ घंटे लगाए प्रतिभा ने बताया कि डॉक्टरों ने दिल्ली एम्स के डॉक्टरों से भी फोन पर बात करवाई। इसके बाद उन्होंने एकता को मोहाली रेफर करने का फैसला लिया। एकता की हालत गंभीर होने के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने उसे रेफर करने में करीब डेढ़ घंटे लगा दिए। मोहाली ले जाते वक्त रास्ते में तोड़ा दम प्रतिभा के मुताबिक, शाम करीब पांच बजे एकता को एम्बुलेंस के जरिए मोहाली स्थित फोर्टिज ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही थाना छप्पर के पास उसकी रास्ते में मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर ससुराल में पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने एंबुलेंस में एकता के साथ किसी मेडिकल टीम के बजाय अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी को भेजा था। डॉक्टर बोलीं- अधिक ब्लीडिंग हो रही थी जेपी हॉस्पिटल की गायनाकोलॉजिस्ट डॉक्टर ममता ने कहा कि सिजेरियन ऑपरेशन के बाद मरीज को अधिक ब्लीडिंग हो रही थी, जिसे रोकने के लिए अस्पताल की ओर से हर संभव प्रयास किए गए। परिजनों को मरीज की हालत के बारे में लगातार जानकारी दी जा रही थी। मरीज को रेफर करने से पहले भी जरूरी उपचार दिया जा रहा था। जिससे रास्ते में उसे कोई परेशानी न हो। एंबुलेंस में मरीज के साथ ICU एक्सपर्ट भी भेजा गया था।