CM मान बोले- पंजाब में SIR से वोट नहीं कटने:कोर्ट जाना पड़ा तो जाएंगे, पीएम की अपील पर कहा-पहले अपने फॉरेन ट्रिप बंद करें

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में एसआईआर से वोट नहीं कटने देंगे। इसके लिए अगर कोर्ट जाना पड़ा तो जाएंगे। वह शनिवार को 72 शिक्षकों के बैच को शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के साथ फिनलैंड में प्रशिक्षण लेने के लिए रवाना करते समय पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विदेश में प्रशिक्षण प्राप्त प्रिंसिपल और शिक्षक शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाकर आम आदमी को लाभ पहुंचाने के लिए राज्य में शिक्षा क्रांति के दूत के रूप में काम कर रहे हैं। इस मौके पर सीएम मान ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि पीएम हर एक चीज बंद कर रहे हैं। सोना मत खरीदो, विदेश यात्रा मत करो और घर से काम करो। क्या प्रधानमंत्री घर से काम नहीं कर सकते? क्या ‘प्राइम मिनिस्टर वर्क फ्रॉम होम’ नहीं हो सकता? बिल्कुल हो सकता है, लेकिन ये सब सिर्फ सच को छिपाने वाली बातें हैं। सीएम ने आगे कहा की इन्होंने पेट्रोल और डीजल के दाम तीन रुपये लीटर बढ़ा दिए हैं। ऊपर से प्रधानमंत्री ने अभी सिर्फ थालियां और तालियां बजाने को ही कहा है, हो सकता है आगे कोई और जादू-टोना करने को कह दें कि ऐसा किया करो। उन्होंने कहा कि हम तो देश को चलाने और “विश्व गुरु” बनने चले थे, लेकिन आज देश को “विश्व चेला” बनाकर रख दिया है। जब पाबंदियां कहीं और लगनी चाहिए थीं, तब हमारे देश में लगाई जा रही हैं। किसी और देश में ऐसा क्यों नहीं हुआ? नेपाल में ऐसा क्यों नहीं किया गया? किसी और देश में ये सब बातें क्यों नहीं हुईं? 72 टीचरों का बैच फिनलैंड किया रवाना मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के संयुक्त प्रयासों के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य व बिजली के मुद्दे अन्य पार्टियों के राजनीतिक एजेंडों का केंद्र बन गए हैं। सीएम मान ने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि पंजाब ने अब तक 234 प्रिंसिपल, शिक्षा अधिकारियों को पांच दिनों के नेतृत्व विकास कार्यक्रम के लिए सिंगापुर भेजा है। इस बार 72 प्राथमिक स्तर के टीचरों को फिनलैंड के तुर्कू में भेजा है। 72 टीचरों का यह बैच 29 मई पहुंचेगा पंजाब के सीएम मान ने इस मौके पर कहा की देश बनाने वाले, जिन्हें नेशन बिल्डर कहा जाता है, 72 टीचर फिनलैंड में नए टीचिंग मेथड और नए टीचिंग टूल्स की ट्रेनिंग लेने के लिए दिल्ली के लिए निकल गए हैं। 72 टीचरों का यह बैच 29 मई तक वहां पहुंच जाएगा, जो अब तक का सबसे बड़ा बैच है और पिछले बैचों के रिजल्ट आने शुरू हो गए हैं। दूसरे दिन, केंद्र सरकार ने एक सर्वे जारी किया जो नीति योग ने जारी किया था। आप सबने देखा होगा। उसमें पंजाब पहले नंबर पर आया, केरल से आगे, महाराष्ट्र से आगे, हरियाणा से आगे, मैथ, होम साइंस, लैंग्वेज, साइंस में, जो भी परसेंटेज और खासकर स्मार्ट स्कूल जिनका रेश्यो है और क्लास में बच्चों और टीचरों का रेश्यो है, उनमें कितने कंप्यूटर हैं, कितने स्कूलों में या 99.9% स्कूलों में कंप्यूटर हैं, कितने स्कूलों में बिजली है या 99.9% स्कूलों में बिजली है

उन्होंने आगे कहा कि हमारे सरकारी स्कूल के बच्चे आगे बढ़ें। धुरी विधानसभा क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल के 10 बच्चे हैं, जिन्होंने 98%, 97%, नंबर लाए, 10 बच्चे जो मैथ लिस्ट में आए। 12वीं क्लास में पहली जगह लाने वाली 12वीं क्लास की तीन लड़कियां। मैं कह रहा हूं कि उन तीनों ने सबसे पहले इसलिए किया क्योंकि उनके 500 में से 500 नंबरों ने उन्हें उनकी जन्मतिथि के आधार पर पहला स्थान दिलाया।
सीएम मान ने आगे कहा की कल जिन तीन बच्चों को बुलाया गया था, जो तीन लड़कियां प्लस टू में थीं, वे भी स्पोर्ट्स पर्सन हैं। वे तो पढ़ाई के साथ-साथ वे खेल भी खेलती है। इसलिए मैं सभी को बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं। पैरेंट-टीचर मीटिंग शुरू हो गई हैं। मैंने पहले कभी सरकारी स्कूलों में पैरेंट-टीचर मीटिंग के बारे में नहीं सुना था। पहले सिंगापुर भेजा गया था शिक्षकों का 7वां बैच
इससे पहले 8 मार्च को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 36 प्रिंसिपलों के 7वें बैच को सिंगापुर रवाना किया था। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने कहा कि था कि यह दिन प्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है, क्योंकि यह पहल विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में मदद करेगी। बेहतर प्रशिक्षित स्टाफ ने सरकारी स्कूलों में दाखिले की दर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विदेश जाने वालों में ज्यादातर महिलाएं
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई थी कि प्रशिक्षित प्रिंसिपलों से विद्यार्थियों को नई शिक्षा तकनीकों का लाभ मिलेगा, जिससे वे कॉन्वेंट स्कूलों के विद्यार्थियों का भी मुकाबला कर सकेंगे। उन्होंने कहा था कि पंजाब देश में शिक्षा क्रांति का साक्षी बन रहा है, क्योंकि राज्य सरकार इस क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यह जानकर विशेष प्रसन्नता हुई कि इस बैच में विदेश जाने वाले प्रिंसिपलों में अधिकांश महिलाएं हैं। सैकड़ों शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण
पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि 300 से अधिक शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण देने वाला पहला राज्य बन चुका है। पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से 306 प्रिंसिपलों और शिक्षकों को विदेश में विश्व स्तरीय प्रशिक्षण दिलाकर नया मानक स्थापित किया है।

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