लखनऊ के KGMU में फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया। मंगलवार को उसे पत्रकारों के सामने पेश किया गया। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। उस पर आरोप है कि मेडिकोज को प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरण की साजिश रच रहा था। उसने एम्स दिल्ली में अमेरिका के डॉक्टरों से मिलवाने के नाम पर लड़कियों को बाहर ले जाने की साजिश रची थी। प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि कुछ दिनों पहले पैथोलॉजी विभाग में रमीज मलिक की घटना सामने आने के बाद कुलपति की निगरानी में एक जांच टीम बनाई गई थी। उस जांच टीम के वो अध्यक्ष थे, लिहाजा छुपे हुए ऐसे सभी संदिग्ध लोगों पर उनकी नजर थी। इस बीच उन्हें ये सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध KGMU के फीमेल स्टूडेंट्स को बहला फुसला कर बाहर ले जाने के फिराक में है। उन्होंने सच्चाई जानने के लिए टीम के लोगों को लगाया। इस दौरान ये पता चला कि दिल्ली एम्स में अमेरिका के डॉक्टरों से मिलवाने के नाम पर फीमेल स्टूडेंट्स लखनऊ से बाहर ले जाने की योजना थी। हसम अहमद नामक युवक डॉक्टर बनकर लखनऊ में मेडिकल कैम्प लगा रहा है। 20 अप्रैल को ऐसे ही एक मेडिकल कैम्प में वो खुद गए तो वहां पर KGMU के करीब 20 स्टूडेंट्स वहां मौजूद दिखे। सोमवार को हसम अहमद को पकड़कर पूछताछ की गई। उसकी डिग्री फर्जी होने पर उसे पुलिस के हवाले किया गया। खबर अपडेट की जा रही है…