इंस्टाग्राम रील से बची लुधियाना की महिला की जान:बोलीं-पानी में मुंह नहीं खोला, सांस रोक पैर चलाए; ढोलक बजाने वाले को अंतिम विदाई

वृंदावन नाव हादसे में बची लुधियाना की रजिंदर कौर के लिए इंस्टाग्राम की एक रील जीवनदान बनी। नाव पलटने के बाद पानी में गिरी रजिंदर ने रील में देखे टिप्स याद रखे और उसी के मुताबिक खुद को संभाला। रजिंदर ने बताया कि पानी में गिरने के बाद मैंने मुंह नहीं खोला। सांस रोके रखी। दोनों हाथ सीधे किए और पैर चलाए। बाद में नाव वालों ने बाहर निकाला। मैंने नाव वालों को एक युवक के बारे में भी बताया, जिसे बाद में सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके साथ एक अन्य महिला की भी जान बची। वहीं, हादसे में घायल जगराओं की रेखा जैन की हालत गंभीर बनी हुई है। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें वृंदावन के रामकृष्ण मिशन अस्पताल से चंडीगढ़ PGI रेफर किया गया। बेटे ने कहा कि PGI में मां को उचित इलाज नहीं मिला। प्रशासन से मदद नहीं मिल रही। SDM ने उनका फोन नहीं उठाया। उधर, हादसे में जान गंवाने वाले यश भल्ला की मां से आखिरी बार की गई बातचीत सामने आई। मां ने कहा कि बस में बैठते ही बेटे ने फोन कर कहा- अब मुझे कॉल मत करना। मैं ढोलक बजा रहा हूं, डिस्टर्ब हो जाऊंगा। मंगलवार को उसका अंतिम संस्कार किया गया। हादसा 10 अप्रैल को हुआ था, जिसमें 15 श्रद्धालुओं की मौत गई। एक अभी भी लापता है। अब पढ़िए रजिंदर कौर की जुबानी पूरी कहानी… हादसे में घायल रेखा चंडीगढ़ PGI रेफर
हादसे में घायल रेखा जैन को सोमवार को चंडीगढ़ PGI लाया गया। रेखा के बेटे श्वेत जैन ने वीडियो जारी कर कहा कि मां को सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर ही यहां लाया गया। लेकिन मां को एक सामान्य वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां पहले से ही करीब 100 मरीज मौजूद थे। समय पर उचित इलाज न मिलने के कारण मां की तबीयत और बिगड़ती चली गई। प्रशासन से नहीं मिल रही कोई मदद
श्वेत जैन ने वीडियो में रोते हुए कहा कि प्रशासन और सरकार की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है। जगराओं की एसडीएम उनका फोन नहीं उठा रही हैं। अब मां को चंडीगढ़ के सेक्टर 34 में प्राइवेट अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। इलाज का पूरा खर्च खुद ही उठा रहे हैं। यश भल्ला की मां-भाई ने बताई ये अहम बातें… हादसे से लेकर अब तक क्या हुआ…

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