कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ) परिसर स्थित स्विमिंग पूल में 11 वर्षीय छात्र की डूबने से मौत हो गई। मृतक छात्र आरसीएफ कर्मचारी सत्य प्रकाश मीणा का बेटा था। परिवार ने इस मामले में पुलिस कार्रवाई से इनकार कर दिया है और बच्चे का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है। यह वारदात गुरुवार को हुई। इस घटना के बाद आरसीएफ एम्प्लॉई यूनियन नेताओं ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यूनियन का आरोप है कि हादसे के बाद आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस को बुलाया गया, लेकिन वह समय पर स्टार्ट नहीं हुई। बेसुध बच्चे को बाइक पर आरसीएफ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। टाइम से नहीं पहुंची एम्बुलेंस, बच्चे ने तोड़ा दम जानकारी के अनुसार, छात्र पहली बार स्विमिंग सीखने के लिए पूल में गया था। इसी दौरान वह पानी में डूब गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया और एम्बुलेंस को सूचना दी, लेकिन एम्बुलेंस के समय पर न पहुंचने के कारण बच्चे को तत्काल चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाई। घटना के बाद आरसीएफ एम्प्लॉई यूनियन नेताओं ने आरसीएफ के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है। यूनियन ने स्विमिंग पूल पर प्रशिक्षित लाइफ सेविंग गार्ड और स्विमिंग ट्रेनर की स्थायी तैनाती सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। प्रिंसिपल चीफ मेडिकल ऑफिसर ने दिए जांच के आदेश इस संबंध में सीपीआरओ अमन कुमार ने बताया कि एम्बुलेंस से संबंधित मामले में प्रिंसिपल चीफ मेडिकल ऑफिसर ने जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं, घटना के संबंध में भी जांच करवाई जाएगी। डीएसपी शीतल सिंह ने भी पुष्टि की है कि पीड़ित परिवार ने कोई भी कानूनी कार्रवाई न करवाने की बात कही है।