बिहार में मुंबई जैसा मामला, तरबूज खाने से 8 बीमार:उल्टी, दस्त, बुखार के बाद अस्पताल में भर्ती, प्रेग्नेंट महिला की हालत गंभीर

मुंबई के जेजे मार्ग इलाके में तरबूत खाने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। ऐसा ही मामला बिहार के बक्सर जिले से सामने आया है। यहां तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के आठ लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि तरबूत खाने के थोड़ी देर बाद से सभी सदस्यों को उल्टी, दस्त, बुखार शुरू हो गया। ग्रामीणों ने आनन-फानन में उन्हें सदर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। इसमें एक प्रेग्नेंट महिला भी शामिल हैं, जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें हायर सेंटर में रेफर कर दिया गया है। मामला सोनवर्षा गांव की है। पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि इंद्रासन साह बाजार से तरबूज खरीदकर घर पहुंचे थे। परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर तरबूज खाया। लेकिन कुछ ही देर बाद एक-एक कर सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… शुक्रवार दोपहर को इंद्रासन साह तरबूत खरीद कर लाए। परिवार के साथ मिलकर तरबूत खाया। इसके बाद लोगों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द, तेज सिरदर्द और बुखार की शिकायत होने लगी। इससे घर में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में बीमार लोगों को सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने इलाज शुरू किया। रिंकी देवी चार महीने की गर्भवती, रेफर डॉक्टरों के मुताबिक, रिंकी देवी की स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया। रिंकी देवी चार माह की गर्भवती हैं, इसलिए डॉक्टर उनकी स्थिति पर विशेष नजर रख रहे हैं। अस्पताल में भर्ती इंद्रासन शाह ने बताया कि शुरुआत में उनका तरबूज खाने का मन नहीं था, लेकिन पोते के कहने पर उन्होंने भी एक टुकड़ा खा लिया। इसके कुछ देर बाद ही शरीर में दर्द, बेचैनी और बुखार महसूस होने लगा। धीरे-धीरे परिवार के अन्य सदस्य भी बीमार पड़ते चले गए। अधिकांश लोगों की स्थिति अब सामान्य वहीं, परिजनों का इलाज करा रहे कर्मवीर साहू ने बताया कि तरबूज खाने के बाद परिवार के कुल आठ लोगों की हालत बिगड़ गई। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोगों की स्थिति अब सामान्य है, लेकिन एक महिला को गंभीर हालत में रेफर करना पड़ा है। किसी को उल्टी-दस्त, किसी को तेज सिरदर्द तो किसी को बुखार की शिकायत हुई। डॉक्टर ने कहा- कटे फलों में संक्रमण का खतरा इस मामले में सदर अस्पताल के डॉ. सरस्वती चंद्र ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में कटे हुए फलों को लंबे समय तक खुले में रखने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही फल को अधिक लाल और आकर्षक दिखाने के लिए रसायनों के इस्तेमाल की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। डॉक्टरों ने सलाह दी कि लोग ताजा और साफ-सुथरे फलों का ही सेवन करें। लंबे समय तक कटे हुए तरबूज खाने से बचें और खुले में रखे फलों का उपयोग सावधानी से करें। थानाध्यक्ष बोले- मामले की जानकारी जुटा रहे मामला औद्योगिक थाना क्षेत्र का है। इस संबंध में जब थानाध्यक्ष सुरेश कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने बताया कि वे अपने स्तर से मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। थानाध्यक्ष ने कहा कि यदि इस संबंध में कोई आवेदन प्राप्त होता है, तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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