कहां ‘भविष्य’ तलाश रहे हैं तेज प्रताप:पहले प्रशांत किशोर से मिले, अब बाबा बागेश्वर की शरण में, लालू के बड़े बेटे के पास 3 ऑप्शन

तेज प्रताप यादव की राजनीति इन दिनों सियासी यूटर्न और आध्यात्मिक खोज के अनोखे चौराहे पर खड़ी नजर आ रही है। कल तक जिस धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बाबा बागेश्वर) को उन्होंने देशद्रोही और विभाजनकारी बताया था, आज उन्हीं के सामने वीडियो कॉल पर नतमस्तक होकर वे अपना राजनीतिक भविष्य पूछते नजर आ रहे हैं। प्रशांत किशोर से मुलाकात के बाद बाबा की शरण में जाने की यह छटपटाहट साफ इशारा कर रही है कि RJD सुप्रीमो लालू यादव के बड़े लाल अब पारिवारिक साये से बाहर निकलकर अपनी एक अलग लकीर खींचने के लिए बेचैन हैं। विधानसभा चुनाव में हार की हताशा और भविष्य की अनिश्चितता के बीच तेज प्रताप के पास क्या ऑप्शन हैं। जानेंगे, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। 15 दिन में तेज प्रताप की 3 एक्टिविटी 1. तेज प्रताप के जन्मदिन पर केक काटने पहुंचे लालू यादव 16 अप्रैल को तेज प्रताप यादव का 39वां जन्मदिन था। पिता लालू यादव मकर संक्रांति के बाद दूसरी बार तेज प्रताप के पटना स्थित आवास (हार्डिंग रोड) पर पहुंचे। केक काटा और आशीर्वाद दिया। 2. प्रशांत किशोर से मिले तेज प्रताप लालू यादव से मुलाकात के 5 दिन बाद 21 अप्रैल की देर रात तेज प्रताप यादव जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर से मिलने उनके आवास पहुंच गए। 3. बाबा बागेश्वर से वीडियो कॉल पर बात की, पूछा- पॉलिटिकल फ्यूचर तेज प्रताप के पास 3 ऑप्शन… 1. अपनी पार्टी मजबूत करें, लेकिन सफलता मिलनी मुश्किल 24 मई 2025 को तेज प्रताप यादव को लालू यादव ने पार्टी और परिवार से बाहर कर दिया। इसके कुछ महीने बाद उन्होंने अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) बनाई। JJD 44 सीटों पर चुनाव लड़ी। चुनाव के दौरान उन्होंने दावा किया कि वे अपने पिता के असली वारिस और विचारधारा के संरक्षक हैं, लेकिन उनका यह दावा जनता के बीच पैठ नहीं बना पाया। पॉलिटिकल एनालिस्ट संजय सिंह कहते हैं, ‘तेज प्रताप यादव को अपनी पार्टी के बदौलत सफलता पाने के लिए लंबा संघर्ष करना होगा। उन्हें पूरे राज्य में पार्टी का संगठन खड़ा करना होगा। इसमें बहुत सारे संसाधन की जरूरत होगी। इसके बाद भी सफलता मिलेगी, इसकी गारंटी नहीं है।’ संजय सिंह कहते हैं, ‘खुद की पार्टी के बदौलत उनको सफलता मिलनी मुश्किल है। उन्हें किसी बड़े दल से गठबंधन करना ही होगा।’ 2. घर वापसी करें, धीरे-धीरे खुल रहा दरवाजा तेज प्रताप के पास तेजस्वी की तरह मजबूत जनाधार नहीं है। और ना ही उनके पास अपना कोई राज्य स्तरीय संगठन है। चुनाव के रिजल्ट बताते हैं कि परिवार से दूरी बनाकर तेज प्रताप के लिए अपनी अलग राजनीतिक आधार खड़ा करना कठिन है। RJD का कैडर काफी हद तक परिवार केंद्रित है। परिवार से बाहर रहने पर संगठन का सपोर्ट नहीं मिलेगा। परिवार में फूट की खबरों से लोगों के बीच नेगेटिव इमेज बनती हैं। ऐसे में तेज प्रताप यादव के पास दूसरा विकल्प है-घर वापसी करें। मतलब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में वापस जाएं। चुनाव बाद की गतिविधियों को देखें तो ऐसा लग रहा है कि तेज प्रताप के लिए राबड़ी हाउस का दरवाजा धीरे-धीरे खुल रहा है। इसके 4 उदाहरण… 1. मां के जन्मदिन पर 7 महीने बाद पहुंचे राबड़ी आवास पार्टी-परिवार से निकाले जाने के 7 महीने बाद पहली बार 1 जनवरी को तेज प्रताप राबड़ी आवास पहुंचे। उनकी मां और पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी राबड़ी देवी का जन्मदिन था। तेज प्रताप यादव केक लेकर गए और मां का बर्थ-डे मनाया। उन्होंने इसकी फोटो भी सोशल मीडिया पर शेयर की। साथ ही तेज प्रताप ने पूरी फैमिली की पुरानी फोटो शेयर की थी। इसमें लालू-राबड़ी के साथ सभी 9 भाई-बहन की फोटो थी। खास बात थी कि तेज प्रताप उस वक्त राबड़ी आवास पहुंचे थे, जब लालू यादव दिल्ली में और तेजस्वी फैमिली के साथ यूरोप ट्रिप पर थे। 2. तेज प्रताप के दही-चूड़ा भोज में पहुंचे लालू यादव 14 जनवरी को तेज प्रताप यादव ने अपने सरकारी आवास में दही-चूड़ा का भोज दिया। इसमें उनके पिता लालू यादव भी शामिल हुए। घर से बेदखल होने के करीब 7 महीने बाद तेज प्रताप अपने पिता लालू यादव के साथ एक मंच पर दिखे। हालांकि, उनकी मां राबड़ी देवी, भाई तेजस्वी यादव और बहन मीसा भारती भोज से दूर रहीं। 3. तेजस्वी के बेटे के साथ खेलते दिखे तेज प्रताप 27 मार्च को तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर 2.17 मिनट का एक वीडियो पोस्ट किया। वीडियो में तेज प्रताप अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव के बेटे इराज के साथ मस्ती करते दिख रहे थे। तेज प्रताप ने वीडियो के बैकग्राउंड में फिल्म ‘एनिमल’ का चर्चित गाना ‘पापा मेरी जान’ और फिल्म ‘सूर्यवंशम’ के इमोशनल गानों का लगाया था। तेजप्रताप ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा था-बेटा पापा का गर्व होता है, और पापा बेटे की सबसे बड़ी ताकत। तेज प्रताप ने अपने पोस्ट में तेजस्वी को भी टैग किया था। 4. तेज प्रताप के जन्मदिन पर केक काटने पहुंचे लालू 16 अप्रैल को तेज प्रताप के 39वें जन्मदिन पर लालू यादव केक काटने पहुंचे। केक काटा और आशीर्वाद दिया। तेज प्रताप के लिए उदाहरण…परिवार से बाहर किसी को नहीं मिली सफलता 3. भाजपा में वापसी कर सदन पहुंचे तेज प्रताप तेज प्रताप यादव के पास भाजपा में शामिल होने का ऑप्शन खुला हुआ है। इसका पहली बार संकेत चुनाव के बीच 8 नवंबर को भाजपा ने दे दिया था। जब केंद्र की मोदी सरकार ने तेज प्रताप को Y+ कैटेगरी सुरक्षा दी। इस फैसले के बाद पटना के सियासी गलियारे में तेज प्रताप के भाजपा के करीब जाने की चर्चा होने लगी। इस चर्चा को बल तब और मिल गया जब वह लगातार 2 दिन भाजपा सांसद के साथ दिखे। तेज प्रताप यादव से मुलाकात के बाद भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा था- ‘बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा भोलेनाथ के उन भक्तों के लिए दरवाजे खुले रखते हैं, जो निःस्वार्थ भाव से सेवा करना चाहते हैं, न कि व्यक्तिगत स्वार्थ से राजनीति में हैं।’ राजनीति में कुछ भी संभव है। पुरानी राजनीतिक घटनाओं को देखें तो पता चलता है कि भाजपा तेज प्रताप को अपने साथ रख सकती है। क्योंकि भाजपा ऐसा प्रयोग कई राज्यों में कर चुकी है। इसे 3 उदाहरण से समझिए… पहला- सोरेन परिवार की बहू भाजपा में आईं दूसरा- मुलायम परिवार की बहू अपर्णा को भी शामिल कराया तीसरा- गांधी परिवार की बहू मेनका को भाजपा ने दिया सहारा कुला मिलाकर देखें तो तेज प्रताप यादव के ज्यादा चांसेज हैं कि वह RJD में वापसी कर जाएं। यह तेजस्वी यादव के लिए अच्छा रहेगा। सूत्रों के मुताबिक, तेज प्रताप की नजदीकी भाजपा से बढ़ी तो लालू यादव ने इंटरफेयर कर उनको रोक लिया था। हालियां लालू यादव की लगातार मुलाकात तेज प्रताप को मैनेज करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। वह समय-समय पर उनसे मुलाकात कर उनको हिम्मत दे रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *