पटना में फैला नशे की सूई का धंधा:बिहार में 1.06 लाख को एचआईवी, इनमें 11836 नशे की सूई से संक्रमित

पटना के लंगरटोली का एक 25 वर्षीय युवक मौत से लड़ रहा है। वर्ष 2012 में पिता की मौत के बाद घर चलाने के लिए उसने मिठाई की दुकान खोली। तनाव बढ़ा तो गलत संगत ने घेर लिया। दोस्तों ने पहले सूखे नशे (स्मैक) की लत लगा दी। उसके बाद सूई (इंजेक्शन) से नशा दिया तो उसे और अच्छा लगा। लेकिन, वही सूई उसके शरीर में एचआईवी का वायरस छोड़ गई। पटना में ऐसे 1425 युवक हैं, जो नशे की साझा सूई के कारण एचआईवी पॉजिटिव हो चुके हैं। गर्दनीबाग अस्पताल स्थित एआरटी सेंटर पर हर माह संदिग्ध 10-15 युवक पहुंचते हैं। इनमें एक-दो एचआईवी संक्रमित होते हैं। काउंसिलिंग के दौरान एक सूई से कई लोगों के इस्तेमाल की बात स्वीकार करते हैं। एड्स कंट्रोल सोसाइटी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार में एचआईवी संक्रमितों की संख्या 1.06 लाख है। इनमें 11,836 लोग ऐसे हैं, जो असुरक्षित यौन संबंध से नहीं, बल्कि नशे की सूई की वजह से संक्रमित हुए। पांच साल पहले तक राज्य में इंजेक्टिंग ड्रग यूजर से एचआईवी संक्रमित होने वालों की संख्या महज 3 हजार थी। भास्कर ने एचआईवी संक्रमित 10 युवाओं से बात की तो और कारण जाना। बचाव का रास्ता : ओएसटी थेरेपी सेंटर चल रहे : बिहार राज्य एड्स कंट्रोल बोर्ड के संयुक्त निदेशक मनोज कुमार सिन्हा बताते हैं-जो युवक इंजेक्शन से नशा लेते हैं, उनके लिए ओपिएट सब्स्टीट्यूशन थेरेपी सेंटर चलाए जाते हैं। यहां इंजेक्शन की जगह बुप्रेनोरफिन जैसी गोलियां दी जाती हैं, जो नशे की तलब को शांत करती हैं, लेकिन शरीर को सूई जैसा नुकसान नहीं पहुंचातीं। इसका मुख्य लक्ष्य युवाओं को साझा सूई से रोकना है, ताकि एचआईवी और हेपेटाइटिस-बी-सी जैसे जानलेवा संक्रमण न फैलें। किसी भी जानकारी या काउंसिलिंग के लिए 1097 डायल किया जा सकता है। वजह : एक सिरिंज का कई दोस्त कर रहे इस्तेमाल : स्मैक या अन्य नशा महंगा होने के कारण युवक समूह में सूई का इस्तेमाल करते हैं। एक ही सिरिंज से 4-5 दोस्त नशा लेते हैं, जिससे एक के संक्रमित होने पर पूरा ग्रुप हो जाता है। संक्रमित युवकों ने बताया कि एविल और स्मैक को आग से लिक्विड बनाते हैं और उसे नशों में सूई के माध्यम से लेते हैं। नशामुक्ति पर काम करने वाली राखी शर्मा बताती हैं-मेरे पास हर माह ऐसे दो-तीन युवक पहुंच रहे हैं। ऐसे जहरीले नशे से बचाने के लिए माता-पिता को जागरूक होना होगा। इसके बस में आने पर बच्चे आत्महत्या जैसी कदम उठा लेते हैं। नशे की खेप का हॉट स्पॉट बना पटना पटना में नशीले इंजेक्शन का गोरखधंधा तेजी से फैल रहा है। पिछले दो माह के भीतर पुलिस और ड्रग विभाग ने शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर करोड़ों की नशीली सूई जब्त की हैं। हाल में जब्ती

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