कुरुक्षेत्र में मगरमच्छों को पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन:SYL में पानी का लेवल घटा, नहर में लगाए जाल लगाए गए

कुरुक्षेत्र जिले से गुजर रही सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर में दिख रहे मगरमच्छों को पकड़ने के लिए बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। वाइल्ड लाइफ विभाग और गोताखोर प्रगट सिंह की टीम संयुक्त रूप से बचगांव, दबखेड़ी और उदारसी गांव के एरिया में सर्च ऑपरेशन चला रही है। नहर में पिछले कई दिनों से लगातार मगरमच्छ दिखाई देने के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ था। लोगों ने नहर किनारे जाना कम कर दिया था, जबकि पशुपालक भी अपने पशुओं को पानी पिलाने के लिए नहर तक ले जाने से बच रहे थे। शनिवार को भी किया रेस्क्यू कल (शनिवार को) टीम ने मगरमच्छ पकड़ने के लिए जाल लगाए थे, लेकिन मगरमच्छ हाथ नहीं लगा। इसलिए आज रविवार को फिर से ऑपरेशन शुरू किया जाएगा। नहर में तीन बड़े मगरमच्छ होने की आशंका है। इनमें से एक मगरमच्छ करीब 12 फीट लंबा है। इसके अलावा दो और मगरमच्छ 6 फीट और दूसरा 8-10 फीट लंबा है। पानी कम होने से टीम को मिलेगा फायदा दरअसल, इन दिनों SYL नहर में पानी का बहाव काफी कम है। नहर में केवल 3 से 4 फीट तक ही पानी बचा हुआ है। नहर की रिपेयर के लिए पानी का लेवल कम किया गया है। नहर में पानी कम होने की वजह से मगरमच्छों को छिपने की ज्यादा जगह नहीं मिल रही। बाहर भी नहीं निकल पा रहे पानी का लेवल कम होने से मगरमच्छ नहर के किनारे से बाहर भी नहीं निकल सकते। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए वाइल्ड लाइफ विभाग और गोताखोर प्रगट सिंह की टीम लगातार नहर के अंदर सर्च कर रही है। टीम को उम्मीद है कि पानी का लेवल कम होने के कारण मगरमच्छ जल्द पकड़ में आ जाएंगे। पिछले सप्ताह दिखा था बड़ा मगरमच्छ पिछले सप्ताह गोताखोर प्रगट सिंह और SDRF की टीम SYL नहर में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। इसी दौरान दबखेड़ी-बचगांव इलाके के पास टीम को नहर किनारे करीब 12 फीट लंबा मगरमच्छ दिखाई दिया था। उस वक्त टीम पिहोवा के लापता ट्रांसपोर्टर कुलदीप सिंह की तलाश कर रही थी। मगरमच्छ देखकर बढ़ा डर मगरमच्छ को अचानक सामने देखकर टीम के सदस्य भी एक पल के लिए घबरा गए थे। जब टीम थोड़ी दूर जाकर वापस लौटी तो मगरमच्छ पानी में उतर चुका था। उसी दौरान गोताखोर प्रगट सिंह ने उसका वीडियो भी बनाया था। वीडियो सामने आने के बाद आसपास के गांवों में डर और बढ़ गया। पहले भी कई बार दिख चुका मगरमच्छ करीब दो महीने पहले भी इसी इलाके में मगरमच्छ दिखाई दिया था। इसके बाद दबखेड़ी पुल और बचगांव के आसपास कई बार लोगों ने मगरमच्छ को नहर किनारे धूप सेंकते देखा। राहगीरों और ग्रामीणों ने उसकी फोटो और वीडियो भी बनाई थी। हर बार मगरमच्छ दिखने के बाद लोग तुरंत नहर से दूर हट जाते हैं। बड़े मगरमच्छ को पानी में पकड़ना आसान नहीं- गोताखोर गोताखोर प्रगट सिंह ने बताया कि नहर में ज्यादा पानी के बीच बड़े मगरमच्छ को पकड़ना आसान नहीं है। बिना पूरी तैयारी के ऑपरेशन करना खतरनाक हो सकता है। पानी में मगरमच्छ अचानक हमला कर सकता है। इसलिए पहले जाल बांधे गए हैं, ताकि मगरमच्छ उसमें फंस सके। लेकिन बड़ा मगरमच्छ जाल फाड़कर हमला भी कर सकता है।

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