कैथल के सिंगर के गन कल्चर गाने पर विवाद:महिला आयोग सख्त; संदीप बोले- बदमाशी फैलाना मकसद नहीं; डिमांड के हिसाब से बनाए

कैथल शहर के नए उभरते सिंगर संदीप बागड़ी के गाने चलते ही विवादों में आ गए हैं। संदीप ने बीते करीब 6 महीने में तीन गाने खुद लिखे और गाए हैं, लेकिन तीनों गानों में सिंगर ने गन कल्चर और बदमाशी का कल्चर दिखाया है। हालांकि उनका एक गाना डीलर चलने के साथ ही सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग में आ गया है, लेकिन ऐसे में इन गानों पर हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया का कड़ा रुख देखने को मिला है। उन्होंने कहा है कि ऐसे गानों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जाएगा। इस तरह के कल्चर को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बता दें कि संदीप बागड़ी ने करीब दो-दो महीने के अंतराल में तीन गाने गाए हैं। उनमें से एक डीलर, दूसरा दिल्ली में रुक्का और तीसरा बर्नर है। तीनों गानों में बदमाशी और गन कल्चर के साथ साथ युवतियों को कम कपड़ों में दिखाया गया है। गानों के जो बोल और पंक्तियां तैयार की गई हैं, उनमें भी सिंगर बदमाशी और गन कल्चर दिखा रहे हैं। हाल ही में गाए गए गाने डीलर के बोल… कोई धर लिए वार, करना हो गैंगवार, भिड़ जावां आरपार एक मिनट भी वार, न किसे तै डरया करां हम होलसेल मै बदमाशां की डीलिंग करया करां यारां का नाम चाल्लै यूपी हरियाणे मैं, पर्चे दर्ज पंजाब के थाणे मैं, चार पांच गैल्या है दिमाग मैं बारूद, शहर सुना हो ज्यावै जणो चाल रया है दाउद….. अन्य गानों में भी ऐसा ही कंटेंट संदीप ने जो अन्य गाने दिल्ली मैं रुक्का और बर्नर गाए हैं, उनमें भी इसी प्रकार का कंटेंट शामिल किया गया है। इन गानों में भी गन और गाड़ियों के साथ बदमाशों से भिड़ने के सीन दिखाए गए हैं। गानों में कुछ क्राइम से जुड़े लोगों के नाम भी लिए गए हैं। जानिए कौन हैं संदीप बागड़ी संदीप बागड़ी कैथल के कुतबपुर रोड के रहने वाले हैं। इंस्टाग्राम पर उनके करीब 10 हजार फॉलोअर है। गानों के साथ साथ सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करते हैं। वहीं फेसबुक और यूट्यूब पर भी उनको फॉलो करने वाले लोगों की संख्या हजारों में है। उनका सबसे ज्यादा गाना अभी तक दिल्ली में रुक्का चला है। अब तक 15 हजार से ज्यादा लोग इस गाने को देख चुके हैं। सोशल मीडिया की मांग के हिसाब से बनाए गाने जब गाने के संबंध में संदीप बागड़ी से बातचीत की गई, तो उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य गन कल्चर या बदमाशी को बढ़ावा देना नहीं है। वे केवल संगीत के लिहाज से और सोशल मीडिया सुनने वाले लोगों की मांग के हिसाब से गाने बना रहे हैं। उन्होंने अपने गानों में किसी को बदमाशी या गन कल्चर के लिए प्रेरित नहीं किया है। संदीप ने कहा कि सरकार ने हरियाणा में बनने वाले इन गानों के लिए कोई बोर्ड नहीं बनाया है। अगर बोर्ड बन जाए, तो वे भी उन मापदंडों के आधार पर गाने तैयार करेंगे। इस बारे में महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने कहा कि इस प्रकार के गानों को लेकर सरकार को इस बारे पत्र लिखा गया है कि एक सेंसर बोर्ड गठित किया जाए, जो ऐसी सामग्री पर अंकुश लगा सके। ऐसा मामला संज्ञान में आएगा, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

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