खरड़ के जॉकी आउटलेट में लाखों का गबन:कंपनी ने कैशियर पर लगाया आरोप, कैश, कार्ड, UPI और स्टॉक में मिली गड़बड़ी

मोहाली के खरड़-कुराली रोड स्थित अमायरा सिटी में जॉकी फैक्टरी आउटलेट में लाखों रुपये के गबन और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कंपनी की शिकायत पर खरड़ पुलिस ने स्टोर के इंचार्ज मैनेजर अंशुल ठाकुर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता बलबीर सिंह कंडा ने बताया कि वे M/s CEE ELL महाजन एंड एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड में मैनेजर व अधिकृत प्रतिनिधि के तौर पर कार्यरत हैं। उनकी कंपनी अमायरा सिटी में जॉकी का फैक्ट्री आउटलेट संचालित करती है। हिमाचल का रहने वाला है आरोपी इस आउटलेट में अंशुल ठाकुर, निवासी गांव जाहिर, जिला सिरमौर (हिमाचल प्रदेश), को इंचार्ज मैनेजर-कम-कैशियर के रूप में नियुक्त किया था। उसकी जिम्मेदारी थी कि वह स्टोर में होने वाली कैश, ऑनलाइन, क्रेडिट और डेबिट कार्ड से हुई सभी पेमेंट की रोजाना रिपोर्ट कंपनी को भेजे और अगले दिन सुबह कैश बैंक में जमा करवाए। उसके अधीन तीन लड़कियां और दो लड़के सेल्समैन के तौर पर काम कर रहे थे। 25 दिन ही कैश बैंक में जमा करवाया कंपनी ने 1 अगस्त 2025 से 7 दिसंबर 2025 तक के रिकॉर्ड की जांच की, जिसमें हिसाब-किताब में बड़ा अंतर पाया गया। कंप्यूटर रिकॉर्ड के अनुसार, कैश में 7,13,707 रुपए, कार्ड पेमेंट में 28,110 रुपए और UPI पेमेंट में 24,460 रुपए की कमी पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि अंशुल ठाकुर ने इस अवधि में केवल 25 दिन ही कैश बैंक में जमा करवाया था, जबकि बाकी दिनों का हिसाब नहीं मिला। स्टॉक ऑडिट में 1,91,912 रुपए का सामान भी कम पाया इसके अतिरिक्त, स्टॉक ऑडिट में 1,91,912 रुपए का सामान भी कम पाया गया। कंपनी ने ऑडिट रिपोर्ट और अन्य संबंधित दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए हैं। स्टोर के अन्य कर्मचारियों ने भी बताया कि उन्होंने कई बार अंशुल ठाकुर से पूरे पैसे बैंक में जमा न करवाने के बारे में पूछा था, जिस पर वह उन्हें यह उनका काम नहीं होने की बात कहकर टाल देता था। कैश, कार्ड, UPI और स्टॉक की कमी को मिलाकर आरोपी अंशुल ठाकुर पर कुल 9,58,189 रुपए के गबन और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ धारा 316(2) और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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