‘साहब ने सनक में जुड़वा बेटियों को मार डाला’:कानपुर में अपार्टमेंट का सिक्योरिटी गार्ड बोला- पति-पत्नी हमेशा लड़ते रहते थे

कानपुर में 11 साल की जुड़वां बेटियों की गर्दन रेतकर नृशंस हत्या करने वाला पिता जेल में हैं। मां रेशमा रोते हुए अपनी बेटियों को दफन किया। अब इस मामले में त्रिमूर्ति अपार्टमेंट के सिक्योरिटी गार्ड ने दावा किया कि आरोपी पिता शशिरंजन मिश्रा अपनी दोनों बेटियों से बहुत प्यार करता था। उसने सोंचा होगा कि अगर वह मर गया, तो बेटियों का क्या होगा। यही सनक उस पर सवार हो गई होगी। इसके बाद उसने दोनों बेटियों का मार डाला। उन्होंने कहा- शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच काफी विवाद होते थे। हालांकि, पिछले 2 साल से खुलकर झगड़े नहीं हो रहे थे। लेकिन दोनों के रिश्तों में दूरियां बनी हुई थीं। आरोपी शशिरंजन अपनी पत्नी से इतनी नफरत करता था कि दोनों के बीच बातचीत तक बंद थी। इस मामले में पुलिस ने अपार्टमेंट के कर्मचारियों से भी पूछताछ की है। हालांकि, इस दोहरे हत्याकांड के पीछे की असल वजह अब तक साफ नहीं हो सकी है। आखिर पिता ने अपनी जान से प्यारी बेटियों की गर्दन रेतकर क्यों मार डाला? इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए भास्कर ने अपार्टमेंट के सिक्योरिटी गार्ड प्रेम नारायण दीक्षित से बातचीत की। अब पढ़िए पूरी बातचीत… 8 साल से त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में रहता था
सिक्योरिटी गार्ड प्रेम नारायण दीक्षित ने बताया- शशिरंजन मूलरूप से बिहार के गया का रहने वाला है, जबकि उसकी पत्नी रेशमा पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी की रहने वाली है। वह मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) का काम करता था। साल 2014 में दोनों ने लव मैरिज की थी। करीब 8 साल तक दोनों इसी अपार्टमेंट में किराए के फ्लैट में रहे। शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन कुछ समय बाद पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगा। कई बार झगड़ा इतना बढ़ जाता था कि मामला फ्लैट से बाहर तक पहुंच जाता था। सोसायटी के लोगों को बीच-बचाव करना पड़ता था। एक-दो नहीं, बल्कि कई बार दोनों को समझाने के लिए पुलिस तक बुलानी पड़ी। 3 साल पहले पत्नी रेशमा मायके चली गई थी
करीब तीन साल पहले दोनों के बीच बड़ा विवाद हुआ। इसके बाद पत्नी रेशमा अपने मायके पश्चिम बंगाल चली गई थी। उस दौरान शशिरंजन काफी परेशान रहता था। करीब नौ महीने बाद रेशमा वापस आई और दोनों फिर साथ रहने लगे। इसके बाद खुलकर झगड़े नहीं हुए, लेकिन दोनों के बीच दूरियां बढ़ती चली गईं। वह अपनी पत्नी से कहता था कि तुम अपनी बेटी को लेकर चली जाओ, मैं अपनी बेटियों को खुद पाल लूंगा। वह बेटियों से बहुत प्यार करता था और उन्हें अपने साथ ही रखता था। सनक में दोनों बेटियों की हत्या कर दी
प्रेम नारायण दीक्षित ने बताया- एक दिन मैंने उसे फोन पर किसी से बात करते सुना था। वह कह रहा था कि उसे बिजनेस में घाटा हुआ है और वह इससे काफी परेशान है। शायद इसी वजह से वह सुसाइड करने के बारे में सोच रहा होगा। लेकिन वह अपनी बेटियों से बहुत प्यार करता था, इसलिए उसे लगता होगा कि मेरे मरने के बाद बेटियों का क्या होगा, उनकी देखभाल कौन करेगा। इसी सोच ने उसके ऊपर सनक सवार कर दी होगी। उसने सोचा होगा कि पहले बेटियों की हत्या कर दूं, फिर खुद भी मर जाऊंगा। अब पूरा मामला जानिए खाने में नींद की गोलियां मिलाईं, चापड़ से गर्दन रेती
आरोपी शशि रंजन मिश्रा पुलिस पूछताछ में बताया- मैं बेटियों को बहुत प्यार करता था। मुझे लगता था कि मेरे मरने के बाद बेटियों का क्या होगा? वो कैसे सर्वाइव करेंगी? इसी बात को लेकर मैं परेशान था। 18 अप्रैल को मैंने बेटियों की हत्या करके खुद सुसाइड करने का प्लान बनाया। मैंने उनके खाने में नींद की गोलियां मिला दीं। जब दोनों अचेत हो गईं तो गला घोंटा, फिर चापड़ से गर्दन रेत दी। खुद सुसाइड करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। 72 घंटे बाद भी ससुराल और मायके से कोई नहीं पहुंचा
मर्डर केस की जानकारी मिलने के बाद ससुराल पक्ष ने साफ कह दिया कि वे कानपुर नहीं आएंगे। उनका कहना है कि शशिरंजन और रेशमा से उनका कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, रेशमा के मायके के लोग पश्चिम बंगाल से कानपुर के लिए रवाना हो चुके हैं, लेकिन देर शाम तक उनके पहुंचने की सूचना नहीं मिल सकी थी। रेशमा की मां, पिता और भाई वहां से कानपुर आने के लिए निकल चुके हैं। वहीं, रेशमा ने बताया- मैं अब इस फ्लैट का 20 हजार रुपए किराए देने में सक्षम नहीं हूं। इसके साथ ही इस फ्लैट में दोनों बेटियों से इतनी यादें जुड़ी हैं कि मैं कभी चैन से सो नहीं पाएगी। हर पल उसे दोनों बेटियों की याद आ रही है। अब कानपुर में रहना है या नहीं। मायके वालों के आने के बाद ही इस पर फैसला होगा। किचन-बेडरूम तक लगवा रखे थे CCTV
रेशमा ने बताया कि वह कानपुर के एक मेंस पार्लर में काम करती थीं, जहां उनकी मुलाकात शशि रंजन से हुई। साल 2014 में प्रेम विवाह किया। शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा, लेकिन कुछ समय बाद उनके पति शराब के नशे में रोज मारपीट करने लगे। वे नींद की गोलियां भी लेते थे। रेशमा ने बताया कि पति शक करता था, इसलिए घर के एंट्री गेट से लेकर किचन और बेडरूम तक हर जगह CCTV कैमरे लगवा दिए थे। उन्हें अपने ही कमरे में जाने नहीं दिया जाता था, जबकि दोनों बेटियों को पति अपने साथ रखते थे। वह अक्सर कहते थे कि तुम बेटे को लेकर कहीं भी चली जाओ, मैं बेटियों की परवरिश कर लूंगा। जब पति घर से बाहर जाते थे, तभी मैं बेटे के साथ उनके कमरे में जा पाती थी। ———- ये भी पढ़ें- मुरादाबाद में प्रॉपर्टी विवाद में दंपति की चाकू घोंपकर हत्या: 8 साल की बेटी मदद के लिए गिड़गिड़ाई, हमलावरों के डर से नहीं पहुंचे पड़ोसी
मुरादाबाद में प्रॉपर्टी विवाद में पड़ोसी ने दंपति की चाकू से घोंपकर हत्या कर दी गई। उसके बाद फरार हो गया। पड़ोसियों ने डायल 112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल दंपति को अस्पताल लेकर गई। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी होते ही एसएसपी सतपाल अंतिल और डीआईजी मुनिराज जी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मृतक दंपति की 8 साल की बेटी और पड़ोसियों से बात कर घटना की जानकारी ली। बेटी ने बताया- चार से 5 लोग रात में मेरे घर में घुस आये थे। उन्हें देखते ही पापा ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। लेकिन हमलावरों ने दरवाजा खोल लिया। पापा को चाकू मारने लगे। मम्मी-बचाने आई तो उन्हें भी चाकू मार दिया। घर में रखा फ्रिज और अन्य सामान गिरा दिया। उसके बाद भाग गए। वह मदद के लिए पड़ोसियों के आगे गिड़गिड़ाई लेकिन उसके मम्मी -पापा को बचाने कोई नहीं आया। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना सोमवार रात सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की है। पढ़िए पूरी खबर…

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