बिहार के नए CM का ऐलान हो चुका है। सम्राट चौधरी राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। 15 अप्रैल को सम्राट मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ समारोह लोकभवन में होगा। इसमें PM मोदी शामिल हो सकते हैं। CM फेस को लेकर भास्कर ने बिहार में सर्वे भी किया था। इसमें लोगों से नीतीश कुमार के बाद नए मुख्यमंत्री को लेकर राय पूछी गई। सवाल था- बिहार में CM के लिए आपकी पसंद कौन है? इसपर 34% लोगों ने कहा कि सम्राट चौधरी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। सर्वे के साथ भास्कर की खबरों पर भी मुहर लगी है। हमने पहले ही बता दिया था कि बिहार के CM के लिए सम्राट का नाम ही सबसे आगे है। सबसे पहले भास्कर का सर्वे देखिए बिहार में नया मुख्यमंत्री कौन होगा? भास्कर ने ये सवाल बिहार के लोगों से ही पूछा। 33.5% लोगों ने कहा कि डिप्टी CM सम्राट चौधरी को ही मुख्यमंत्री बनना चाहिए। 31% लोग नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के पक्ष में दिखे। 33% लोग चाहते थे कि सम्राट या निशांत की जगह कोई और सीएम बने। भास्कर ने यह सर्वे 4 से 9 अप्रैल के बीच किया। इसमें 47 हजार लोग शामिल हुए। हमारे 550 रिपोर्टर्स बिहार के 38 जिलों, 534 प्रखंडों में पहुंचे। लोगों से ये 5 सवाल पूछे 1. CM पद के लिए आपकी पसंद कौन है? 2. किस जाति का CM होना चाहिए? 3. नए CM से क्या चाहते हैं? 4. बिहार में नीतीश के नाम पर सत्ता मिली, क्या उन्हें पद छोड़ना चाहिए? 5. नीतीश कुमार को कब तक CM के तौर पर देखना चाहेंगे? पहला सवाल दूसरा सवाल 49.3% लोगों ने बताया था कि नीतीश के जाने के बाद OBC जाति से ही नया CM बने तीसरा सवाल चौथा सवाल पांचवां सवाल अब वो खबरें देखिए जिन पर मुहर लगी है स्टोरी-1 बिहार में नए CM के चेहरे पर जारी सस्पेंस के बीच अब संघ और बीजेपी में लगभग सहमति बनती हुई दिखाई दे रही है। BJP सूत्रों की मानें तो डिप्टी CM सम्राट चौधरी को बिहार का नया CM बनाया जा सकता है। अभी तक संघ सम्राट चौधरी के नाम पर राजी नहीं हो रहा था, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुद सम्राट चौधरी के नाम को लेकर पैरवी की और उन्हें अपनी पसंद बताया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर फिलहाल BJP और संघ के कोई भी पदाधिकारी इस पर स्पष्ट बोलने से बच रहे हैं। संघ बिहार में EBC कैटेगरी के नेता को नया CM बनाना चाहता था। पूरी खबर पढ़िए स्टोरी- 2 बिहार की सियासत 21 साल बाद एक बार फिर से बदलाव के मुहाने पर खड़ी है। 1990 से लेकर 2005 तक लालू यादव परिवार का बिहार की सियासत पर दबदबा रहा। 2005 से लेकर अब तक नीतीश कुमार लगातार (मई 2014- फरवरी 2015 छोड़कर) CM बने रहे। 16 मार्च 2026 को नीतीश राज्यसभा सांसद चुने गए। संदेश साफ है कि अब वे CM नहीं रहेंगे। बिहार की सियासत छोड़ दिल्ली की राजनीति करेंगे। BJP और JDU के टॉप लीडरशिप ने नीतीश के जाने और नए CM के शपथ ग्रहण की पूरी पटकथा लिख दी है। पावर ट्रांसफर के इसी स्क्रिप्ट के तहत पहले CM को राज्यसभा भेजा गया। अब राज्य भर में समृद्धि यात्रा के नाम पर उनकी विदाई यात्रा कराई जा रही है। पूरी खबर पढ़िए स्टोरी- 3 नीतीश कुमार ने गुरुवार को X पर पोस्ट कर राज्यसभा जाने का ऐलान किया है। उन्होंने बिहार में नई सरकार को अपना पूरा सहयोग करने की भी बात कही है। अब यह भी तय हो गया कि बिहार में अब नीतीश युग का अंत हो गया। साथ ही अब इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि नीतीश कुमार के बाद बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा…? क्या पहली बार बिहार में बीजेपी का CM बनेगा? क्या नीतीश के किसी करीबी को CM बनाया जाएगा। क्या 4 दशक बाद बिहार को सवर्ण CM मिल सकता है..? बिहार में CM की रेस में सबसे आगे सम्राट चौधरी का नाम चल रहा है। विजय चौधरी भी चर्चा में हैं। इधर, BJP EBC या OBC चेहरा लाकर चौंका सकती है। पूरी खबर पढ़िए अब जानिए किन फैक्ट्रस पर भास्कर ने सम्राट के CM बनने की बात कही थी बंगाल के स्टार प्रचारकों की लिस्ट से संकेत BJP की तरफ से पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की गई थी। 40 नेताओं की इस लिस्ट में बिहार से केवल डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम था। बंगाल से सटे जिले किशनगंज से पॉलिटिक्स करने वाले मंत्री दिलीप जायसवाल का भी नाम लिस्ट में नहीं था। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और दूसरे डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को भी लिस्ट में जगह नहीं दी गई थी। इसमें BJP शासित राज्यों के 6 से ज्यादा मुख्यमंत्रियों का नाम शामिल थे। बिहार से मंगल पांडेय और नितिन नवीन भी इसमें थे। मंगल पांडेय पश्चिम बंगाल में बीजेपी के प्रभारी तो नितिन नवीन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। ऐसे में देखा जाए तो बिहार से केवल सम्राट चौधरी को ही तवज्जो दी गई है सम्राट अमित शाह के पसंद क्यों, 3 पॉइंट में समझिए सम्राट क्यों? नीतीश के बाद क्या लव-कुश समीकरण साधेगी भाजपा सम्राट चौधरी कोइरी समाज से आते हैं। नीतीश कुमार कुर्मी हैं। इन दोनों को बिहार की सियासत में लव-कुश कहा जाता है। राज्य में इन दोनों कोइरी और कुर्मी समाज की आबादी करीब 7% है। इसमें कोइरी 4.21% और कुर्मी 2.87% हैं। इन्हीं के दम पर नीतीश कुमार अपनी राजनीति करते रहे हैं। ऐसे में अगर सम्राट को BJP आगे बढ़ाती है तो नीतीश का ये वोट बैंक उनके पास जा सकता है। BJP बिहार में लगातार गैर यादव OBC को साधने का प्रयास कर रही है। इस समीकरण में सम्राट चौधरी बिल्कुल फिट बैठते हैं। कोइरी बिहार में यादव के मुकाबले एक मजबूत पिछड़ी जाति मानी जाती है।