नारी वंदन समारोह में पहुंचे डिप्टी सीएम और स्मृति ईरानी:अखिलेश यादव के ‘सास-बहू’ तंज पर बोलीं- दम है तो गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं

पूर्व मंत्री स्मृति ईरानी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को गोरखपुर से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। स्मृति ईरानी ने ‘सास-बहू’ तंज पर कहा- विरासत की राजनीति पाने वाले कामकाजी महिला पर टिप्पणी कर रहे हैं। पुराने विषयों को लेकर सवाल उठाना आसान है। अगर इतना ही दम है तो अपने पैतृक क्षेत्र (कन्नौज) को छोड़कर गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं। लेकिन उनमें इतना दम नहीं, हमने तो कांग्रेस अध्यक्ष को उनके गढ़ (अमेठी) में हराया है। स्मृति ईरानी शुक्रवार को वाराणसी में थीं। उन्होंने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के साथ ‘नारी शक्ति वंदन’ (सशक्त नारी, सशक्त भारत) कार्यक्रम में हिस्सा लिया। आरक्षण बिल पर अखिलेश यादव का फोकस नहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव का फोकस नहीं है। सीरियल छोड़कर संसद के काम पर ध्यान देने और महिला सशक्तीकरण बिल का समर्थन करने की सलाह दी। हम जैसे लोग टैक्स भरते हैं, इसलिए नहीं कि सदन में सास-बहू की बातें हो। संसद में जाकर अपने संसदीय कार्य पर ध्यान दें। हालांकि, इस बात की खुशी भी है कि उनका उत्तर प्रदेश में विपक्ष में रहना सुनिश्चित है क्योंकि यूपी की राजनीति करने वालों को इतना पता है कि गांव-गांव और पात-पात घूमते-घूमते इतना वक्त बीत जाता है कि सीरियल देखने का टाइम एक गंभीर राजनेता के पास नहीं होता है। जिन्हें राजनीति विरासत में मिली है, उन्हें उनकी याद आना अच्छा है। कामकाजी महिला पर टिप्पणी करना आसान होता है, खासकर उनके लिए जिन्होंने कभी खुद कहीं नौकरी ना की हो। या फिर अपनी पहचान मेहनत से बनाई हो। संसद में अखिलेश यादव का सास-बहू बयान अखिलेश यादव ने सांसदों के बीच अपने भाषण में कहा- यदि भाजपा सीटें रिजर्व कर देगी, तो महिलाओं के बीच ही प्रतियोगिता करवा रहे हैं। उन्होंने पार्टी आधार पर महिला आरक्षण का प्रावधान करने की भी मांग उठाई। साथ ही, उन्होंने स्मृति ईरानी पर तंज कसते हुए कहा, “सास बहू वाली तो हार गईं आपकी। पार्टी को तो मौका मिलेगा।” महिला आरक्षण बिल पर बोलीं, संविधान धर्म आधारित आरक्षण की अनुमति नहीं देता
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर विपक्ष देश की जनता और अल्पसंख्यकों को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा- अखिलेश यादव द्वारा मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की मांग को भारत का संविधान धर्म के आधार पर स्वीकार नहीं करता। संवैधानिक मर्यादाओं को जानते हुए भी विपक्ष मुस्लिम समाज को क्यों बरगला रहा है? अखिलेश यादव वाकई मुस्लिम महिलाओं के उत्थान के प्रति गंभीर होते, तो वे ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर उनके विरोध में खड़े नजर नहीं आते। स्मृति ईरानी ने इसे केवल ‘हेडलाइन चेजिंग’ और ‘वोट बैंक’ की राजनीति करार दिया। विपक्ष द्वारा बिल की टाइमिंग और सरकार की नियत पर उठाए गए सवालों पर ईरानी ने कहा- पूरी लेजिस्लेटिव प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ सदन में चल रही है। 2010 में विपक्षी दल खुद विस्तार और डीलिमिटेशन (परिसीमन) की बात करते थे, और अब वे अपने ही बयानों से पलट रहे हैं। नोएडा में महिलाओं पर हुए लाठीचार्ज और विपक्ष के आरोपों पर स्मृति बोलीं- समाजवादी पार्टी के नेताओं से संस्कार और संयम की अपेक्षा नहीं की जा सकती। विपक्षी दल स्पष्ट करें कि वे महिला आरक्षण का समर्थन करते हैं या नहीं। तस्वीरों में ‘नारी शक्ति वंदन’ सशक्त नारी, सशक्त भारत कार्यक्रम की झलिकयां सशक्त भारत के निर्माण पर जोर नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण कानून) पर चर्चा हुई और इसके जरिए राजनीति, शिक्षा और रोजगार में महिलाओं की 33% भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही गई। शुक्रवार को सांस्कृतिक संकुल सभागार में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने नम: पार्वती पतये हर हर महादेव के जयघोष से कार्यक्रम का आगाज किया। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् के गायन के साथ हुई। कार्यक्रम में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर और निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करके सशक्त भारत के निर्माण पर जोर दिया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बताया कि पारित कानून के तहत संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% (एक-तिहाई) आरक्षण सुनिश्चित करना। सशक्त नारी, सशक्त भारत के संकल्प को साकार करना, महिलाओं को नेतृत्व के अवसर प्रदान करना और आत्मविश्वास बढ़ेगा। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और उज्ज्वला योजना को ‘नारी शक्ति’ को मजबूत करने के लिए एकीकृत किया जा रहा है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा मेयर अशोक तिवारी राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल एमएलसी धर्मेंद्र सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि काशी क्षेत्र एवं जिले के पदाधिकारी शामिल हुए। ————————-
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बेटे-बेटियों को टिकट दिलाना चाहते हैं 12 सपा नेता:विधानसभा चुनाव के लिए पैरवी की, कई अखिलेश यादव से भी मिले सपा के 12 नेता अपने बेटे-बेटियों के लिए 2027 के विधानसभा चुनाव के टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। इनमें सपा के कद्दावर नेता रहे बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे राकेश वर्मा भी शामिल हैं। सपा का गढ़ मानी जाने वाली कटेहरी सीट पर भी सांसद लालजी वर्मा अपनी बेटी के लिए दावेदारी कर रहे हैं। पढ़िए पूरी खबर

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