मोगा में पुलिस ने मंगलवार दोपहर एक कोठी में चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, यह रैकेट शहर का एक पार्षद ही अपने घर में चला रहा था। सूचना मिलने पर थाना मेहना पुलिस और पीसीआर विंग की संयुक्त टीम ने छापा मारा। इस दौरान कोठी में 14 लड़कियों और 7 पुरुषों को आपत्तिजनक गतिविधियां करते पाया गया। इसके बाद लड़कियों को हिरासत में लिया गया। इन लड़कियों में एक नाबालिग भी शामिल है। इन सभी लड़कियों को नारी निकेतन भेजा गया है। जबकि, नाबालिग को कल कोर्ट में पेश कर उसके बयान दर्ज कराए जाएंगे। पुलिस ने बताया है कि पार्षद शिरोमणि अकाली दल से जुड़ा है। उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में जांच जारी है। कोठी में अवैध गतिविधियों की शिकायतें मिलने पर कार्रवाई पुलिस के अनुसार, यह सेक्स रैकेट मोगा में अमृतसर रोड क्षेत्र में बुघीपुरा चौक के पास एक कोठी में चल रहा था। इसकी शिकायतें पुलिस को कई बार मिल चुकी थीं। इन शिकायतों के आधार पर ही मंगलवार को कोठी में छापा मारा गया। धर्मकोट के डीएसपी जसविंदर सिंह ने बताया कि थाना मेहना के प्रभारी गुरसेवक सिंह को अमृतसर रोड स्थित कोठी में अवैध गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी। यह कोठी डेविल जॉन होटल के रूप में चलाई जा रही थी। आरोपियों पर केस दर्ज जांच में सामने आया कि कोठी का मालिक जगजीत सिंह उर्फ जीता है। वह मोगा शहर के वार्ड नंबर 28 का पार्षद है और अकाली दल से जुड़ा है। वह अपने साथियों लखविंदर सिंह और बलविंदर सिंह के साथ मिलकर इस अवैध गतिविधि को चला रहा था। पुलिस ने बताया कि ये दोनों आरोपी रामूवाला के रहने वाले हैं। इन्हें भी पार्षद के साथ गिरफ्तार किया गया है। मौके से कुल सात लोगों को पकड़ा है, जिनके खिलाफ इम्मोरल ट्रैफिकिंग एक्ट, पॉक्सो एक्ट और धारा 143 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं, रेड के दौरान 14 लड़कियां भी कोठी में मिली हैं। इनके दस्तावेज चेक किए तो इनमें से एक लड़की नाबालिग निकली। उसे मेडिकल जांच के बाद बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां उसके बयान दर्ज किए जाएंगे। अन्य लड़कियों को नारी निकेतन भेजा गया है। पिछले 3 महीने से चल रहा था धंधा पुलिस के मुताबिक, यह अवैध धंधा पिछले करीब 3 महीनों से इस कोठी में चल रहा था। पकड़ी गई लड़कियों में जालंधर और लुधियाना की लड़कियां भी शामिल हैं। डीएसपी जसविंदर सिंह ने बताया कि इससे पहले भी बुघीपुरा चौक के पास होटलों में ऐसे मामलों का खुलासा किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्मकोट सब-डिवीजन में इस तरह की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।