बरनाला जिले में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहा (बीकेयू एकता उगराहां) ब्लॉक महल कलां ने आज केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर यह प्रदर्शन भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की अधिसूचना, रिपेरियन कानून, पंजाब विश्वविद्यालय को पंजाब के अधिकार में देने और पानी के बंटवारे से जुड़े मुद्दों को लेकर किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के पुतले जलाए। ब्लॉक अध्यक्ष जज सिंह गहल के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन गुरम, गहल, सदोवाल, दीवाना, चौहानके कलां, भोतना, संघेड़ा और महल कलां सहित विभिन्न गांवों में हुआ। किसान कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चंडीगढ़ में किसानों पर लाठीचार्ज करने पर जताई नाराजगी संगठन के जिला उपाध्यक्ष बुक्कन सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष जज सिंह गहल, उपाध्यक्ष राम सिंह संघेड़ा, महासचिव कुलजीत सिंह वजीदके, कोषाध्यक्ष मान सिंह गुरम और ब्लॉक नेता कुलदीप सिंह चौहानके ने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड से पंजाब की स्थायी सदस्यता खत्म करने का फैसला राज्य के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसान नेताओं ने बताया कि इन्हीं मांगों को लेकर किसानों और महिलाओं का एक बड़ा समूह चंडीगढ़ की ओर कूच कर रहा था। हालांकि, चंडीगढ़ की सीमा पर बड़ी संख्या में तैनात पुलिस और कमांडो बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। किसान नेताओं के अनुसार, जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस कार्रवाई में कई किसान और महिलाएं घायल हो गए। किसानों ने नारेबाजी करते हुए इस दमनकारी कार्रवाई की कड़ी निंदा की। मांगें नहीं मानी तो संघर्ष होगा और तेज किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पंजाब के अधिकारों के साथ खिलवाड़ बंद नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह संघर्ष और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर किसान नेता निशान सिंह गुमटी, अजमेर सिंह भट्ठल, सुखविंदर सिंह काला महल कलां, इकाई अध्यक्ष मेजर सिंह गुरम, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप बावा, कोषाध्यक्ष गुरदेव सिंह गुरम, महिला अध्यक्ष हरदेव कौर, उपाध्यक्ष जमुना देवी, महिंदर कौर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नेता उपस्थित थे। बीकेयू डकौंदा ने भी किया प्रदर्शन पंजाब के बरनाला जिले में भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा (बीकेयू डकौंदा) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का पुतला फूंका। यह प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के आह्वान पर चंडीगढ़ में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में किया गया। बरनाला के गांव ठीकरीवाला में बीकेयू डकौंदा की इकाई ने एक रोष मार्च निकाला। किसानों ने अर्थी उठाकर पूरे गांव में नारेबाजी की और अंत में शहीद सेवा सिंह ठीकरीवाला चौक पर दोनों का पुतला जलाया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान संगठन के महासचिव भोला सिंह, उपाध्यक्ष चतर सिंह ढिल्लों सहित बड़ी संख्या में किसान नेता और ग्रामीण उपस्थित थे।