प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश की जनता से एक वर्ष तक सोना न खरीदने की अपील ने सर्राफा बाजार में हलचल पैदा कर दी है। इस बयान के विरोध में जिला स्वर्णकार संघ रोपड़ ने कड़ा रुख अपनाया है। संघ के पदाधिकारियों ने इसे व्यापार विरोधी कदम बताते हुए कहा कि इससे स्वर्णकारों का कारोबार ठप हो जाएगा और लाखों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के राष्ट्रीय महासचिव अशोक कुमार दारा और नगर परिषद रोपड़ के पूर्व अध्यक्ष संजय वर्मा बेले वाले ने प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री के बयान पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत में सोना सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि एक सुरक्षित निवेश और सामाजिक परंपरा का अभिन्न अंग है। जनता में भ्रम फैलने का खतरा इस अपील से जनता में भ्रम फैलेगा, जिससे लोग विवाह और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों को एक साल के लिए टाल सकते हैं। इसका सीधा असर सर्राफा बाजार के साथ-साथ टेंट, कैटरिंग और कपड़ा जैसे संबंधित उद्योगों पर भी पड़ेगा। स्वर्णकार नेताओं सतेंद्र नागी और प्रवीण नागी ने बताया कि सर्राफा उद्योग पहले से ही मंदी का सामना कर रहा है। इस क्षेत्र में लाखों कारीगर दैनिक मजदूरी पर निर्भर हैं। व्यापार ठप होने की स्थिति में ये कारीगर सीधे तौर पर बेरोजगार हो जाएंगे। संघ ने प्रधानमंत्री से तत्काल अपना बयान वापस लेने की अपील की है, ताकि बाजार में विश्वास का माहौल बहाल हो सके। जिला स्वर्णकार संघ रोपड़ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो वे देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष ललित नागी, सुरिंदर वर्मा, मिंटू सराफ, जीत राम, बंटी कंडा और आशु वर्मा बेले वाले सहित कई सदस्य उपस्थित थे, जिन्होंने प्रधानमंत्री के बयान की निंदा की।