स्मार्ट सिटी में हुए 116 करोड़ के एफडी फर्जीवाड़े को लेकर नगर निगम ने आधिकारिक रूप से यूटी प्रशासन को सीबीआई जांच के लिए लिख दिया है। शुक्रवार को मेयर सौरभ जोशी ने 8 अप्रैल को हाउस में पास हुए प्रस्ताव को डीओ लेटर के साथ भेजा है। लेटर में कहा है कि निगम हाउस चाहता है कि मामले में सीबीआई की जांच हो। आमतौर पर जो भी प्रस्ताव पास होते हैं, वो निगम के अधिकारी प्रशासन को भेजते हैं। इस बार ऐसा नहीं हुआ। 8 अप्रैल को हाउस मीटिंग में सभी पार्षदों ने सर्वसम्मति से 116 करोड़ के फर्जीवाड़े के मामले की सीबीआई जांच कराने का प्रस्ताव पास किया था। हाउस में चर्चा के दौरान पार्षदों ने कहा था कि स्मार्ट सिटी फंड में बड़े स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी हुई है। इसमें कई तकनीकी लापरवाहियां हैं और बड़े अधिकारियों की भूमिका भी हो सकती है। ऐसे में निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई ही सही एजेंसी हो सकती है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। लेटर में कहा गया है कि घोटाले की जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए सामने आई थी। इसके बाद हाउस में विस्तार से चर्चा हुई और सर्वसम्मति से जांच की मांग का प्रस्ताव पास किया गया।