4 करोड़ के लालच में 10वीं के छात्र की हत्या:अररिया में ऑनलाइन गेम में जीते थे पैसे, मुंह में कपड़ा ठूंसकर गला काट डाला

अररिया में दो दोस्तों ने मिलकर 10वीं के एक छात्र की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि तीनों दोस्त थे और मोबाइल पर ‘क्यूटेक्स’ नाम का ऑनलाइन गेम खेलते थे। मृतक के गेम वॉलेट में करीब 4 करोड़ रुपए थे। पैसों के लालच में दोनों नाबालिग दोस्तों ने पहले छात्र का अपहरण किया, फिर उससे पैसे मांगने लगे। छात्र ने पैसे देने से इनकार किया तो आरोपियों ने उसके परिवार को फोन कर 2 लाख रुपए की फिरौती मांगी। फिरौती की रकम नहीं मिलने पर दोनों ने उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने बुधवार को शव बरामद किया। साथ ही दोनों नाबालिग आरोपियों को पकड़कर बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। मृतक छात्र की पहचान विशाल कुमार महतो (17) के रूप में हुई है। विशाल इस साल 10वीं बोर्ड की परीक्षा देने वाला था। घटना पलासी थाना क्षेत्र के कनखुदिया गांव की है। अब सिलसिलेवार जानिए घटनाक्रम आरोपी दोनों नाबालिग और मृतक छात्र पिछले 5 साल से दोस्त थे। तीनों हर जगह एक साथ होते थे। पिछले कुछ महीने से तीनों दोस्त विशाल के मोबाइल पर ‘क्यूटेक्स’ नाम का एक ऑनलाइन गेम खेलते थे। इस गेम के वॉलेट में करीब 4 करोड़ रुपए दिख रहे थे। इसी पैसे को असली समझकर दोनों नाबालिग लड़कों ने विशाल पर पैसे देने का दबाव बनाना शुरू किया। विशाल ने पैसे नहीं दिए तो दोनों नाबालिग ने 18 मई की सुबह उसे किडनैप कर लिया। इसके बाद 3-4 घंटे तक धमकी दी कि तुम पैसे नहीं दोगे तो मार देंगे। इसके बावजूद विशाल ने पैसे देने से इनकार कर दिया। आरोपी लड़कों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि विशाल ने जब पैसे देने से इनकार किया तो उसके पिता से फिरौती मांगी। विशाल के पिता से कहा कि आपको एक एड्रेस देंगे, उसी जगह पर पैसे पहुंचा दीजिएगा। जब परिवारवालों ने पैसे नहीं दिए तो उसकी हत्या की प्लानिंग की। मुंह में कपड़ा ठूंस कर गला काट दिया पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि विशाल को एक कमरे में बंद किया। इसके बाद उसके हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। फिर धारदार हथियार से उसका गला काट दिया। 18 मई की देर रात बांसबाड़ी में शव फेंक दिया। इसके बाद अपने-अपने घर चले गए। 18 मई को अपरहण का केस दर्ज किया गया विशाल के परिजनों ने 19 मई को किडनैपिंग की शिकायत थाने में दर्ज करवाई। SP जितेंद्र कुमार ने बताया कि केस दर्ज होने के बाद SDPO के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान की मदद से जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिला, जिसमें विशाल कुमार महतो को एक बाइक पर दोनों नाबालिग आरोपियों के साथ जाते देखा गया। इसी आधार पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर शव बरामद किया गया। शव से करीब 50 मीटर दूर पानी से भरे गड्ढे से धारदार हथियार भी बरामद किया गया। फर्जी गेम के वॉलेट में दिख रहे पैसे को लेकर था विवाद एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि क्यूटेक्स जैसे ऑनलाइन गेम फर्जी है। इस गेम में खिलाड़ियों को करोड़ों रुपए दिखाए जाते हैं, जबकि वास्तविकता में कोई रकम नहीं होती। ऑनलाइन गेमिंग की लत और फर्जी वॉलेट के झांसे में आकर विवाद हुआ था। दोनों आरोपी नाबालिग होने के कारण उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया है। जांच में किसी बड़े फ्रॉड नेटवर्क या गैंग की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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