‘सम्राट चौधरी मेरे साथ चलें, मैं अफसरों का भ्रष्टाचार दिखाऊंगा’:जनता दरबार में सीएम के पैरों पर गिरी महिला, मुख्यमंत्री बोले- घबराइए नहीं

‘साहेब हम्मर जमीन दोसर बेच देलकई। अपना नाम पर करा लेलकई। दउरइत-दउरत थक गेलिअइ।’ बुजुर्ग महिला ने फफक-फफककर रोते हुए इतना कहा और सीएम सम्राट चौधरी के पैरों में गिर गई। यह घटना सीएम के जनता दरबार में घटी। नीतीश कुमार की राह पर चलते हुए सम्राट ने अपने आवास पर जनता दरबार लगाया था। इस दौरान करीब 400 लोगों की फरियाद सुनी। CM दो घंटा तक लोगों से मिले। फरियादी महेंद्र ऋषि ने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सम्राट चौधरी मेरे साथ चलें, मैं अफसरों का भ्रष्टाचार दिखाऊंगा। सम्राट चौधरी का पहला जनता दरबार कैसा रहा? किस तरह के इंतजाम थे? किस तरह की शिकायतें आईं, कैसे सम्राट ने लोगों से व्यवहार किया। पढ़िए रिपोर्ट..। देखिए जनता दरबार की तस्वीरें… पैर छूने को जमीन पर गिरी महिला सम्राट चौधरी के जनता दरबार में पूर्णिया की एक बुजुर्ग महिला आई थी। हाथों में आवेदन के पन्ने लिए महिला को देखकर सीएम ने इशारे से आने के लिए कहा। पास मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उनके लिए जगह बनाई। अपनी फरियाद लिए दर-दर की ठोकरें खा चुकी महिला ने सीएम के हाथ में पन्ने दिए और फफक-फफक कर रोने लगीं। वह पैर छूने के लिए झुकीं और संतुलन खोकर फर्श पर लोट गईं। सम्राट बुजुर्ग महिला को ऐसा करते देख तुरंत पीछे हटे। कहा- घबरा क्यों रही हैं? तभी महिला सुरक्षाकर्मियों ने बुजुर्ग महिला को सहारा देकर जमीन से उठाया। सीएम ने उनका आवेदन पढ़ा। बुजुर्ग महिला ने कहा, ‘साहेब हम्मर जमीन दोसर बेच देलकई। अपना नाम पर करा लेलकई।’ इसपर सम्राट ने कहा कि आप घबराइए नहीं। आपके साथ न्याय होगा। इसके बाद उन्होंने आवेदन पास मौजूद अपने निजी सहायक शत्रुघ्न को दे दिया। दरअसल, महिला का आरोप है कि उसकी जमीन को दूसरे व्यक्ति ने जालसाजी कर अपने नाम कर लिया है। सीएम के साथ मौजूद थी अधिकारियों की टीम, हर आवेदन का बना रिकॉर्ड जनता दरबार में आए लोगों की फरियाद सुनी जाए, उनकी परेशानी का हल हो, इसके लिए पूरे इंतजाम किए गए थे। अधिकारियों की एक टीम तैनात थी। सीएम ने फरियादियों की परेशानी सुनी और उनके आवेदन अपने सचिव को दिए। सचिव और उनकी टीम ने आवेदन में दी गई जानकारी को नोट डाउन किया। उसे डिजिटल फॉर्मेट में स्टोर किया ताकि उसपर हो रही कार्रवाई को ट्रैक किया जा सके। जनता दरबार में बहुत से लोग सीएम को बधाई देने और उनके साथ तस्वीर खिंचवाने भी आए थे। सम्राट ने किसी को निराश नहीं किया। उनसे मिले, बधाई स्वीकार की और तस्वीर खिंचवाई। लोग सीएम के साथ वाली तस्वीर अपने साथ ले जाएं, इसके लिए भी इंतजाम किए गए थे। एक खास कोड स्कैन करने पर लोगों को सीएम के साथ अपनी फोटो उनके मोबाइल फोन पर मिली। घर आए लोगों से खुलकर मिले सम्राट जनता दरबार में आए लोगों से सम्राट खुलकर मिले। किसी ने कंधे पर शॉल रखकर किया तो किसी ने फूलों का गुलदस्ता दिया। सीएम ने इन्हें खुशी से स्वीकार किया। सीएम के सुरक्षाकर्मी आसपास जरूर थे, लेकिन वे जनता और नेता के बीच दीवार नहीं बन रहे थे। लोग एक-एक कर सम्राट के पास आए और मिले। इस दौरान बड़े टेबल के इस तरफ और उस तरफ वाली दूरी नहीं थी। सम्राट खड़े थे और लोग उनके पास आकर भेंट कर रहे थे। सम्राट ने मिलने आए लोगों से हाथ मिलाया। जिन्हें पहचानते हैं, उनसे दो बातें की। कोई परेशानी लेकर आया तो पूरे ध्यान से उसकी बातें सुनी। जनता दरबार के दौरान उन्होंने एक बात का ध्यान रखा कि कोई पैर नहीं छुए। किसी ने ऐसा करने की कोशिश की तो साफ मना कर दिया। मुख्यमंत्री आवास आए 400 फरियादी जनता दरबार के लिए शुक्रवार को करीब 400 फरियादी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। सुरक्षा जांच और रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें एंट्री दी गई। सीएम ने उनकी शिकायतें सुनी और न्याय का भरोसा दिया। सबसे अधिक फरियाद जमीन विवाद से जुड़े आए। इसके बाद भ्रष्टाचार और दूसरे मामलों को लेकर भी लोगों ने अपनी पीड़ा सीएम के साथ शेयर की। दरअसल, बिहार में अभी मंत्रिमंडल विस्तार लंबित है। इसके चलते सम्राट चौधरी के पास गृह विभाग समेत 29 विभागों की जिम्मेदारी है। वहीं, विजय चौधरी 10 और बिजेंद्र यादव 8 विभागों का कार्यभार संभाल रहे हैं। जनता दरबार में सभी विभागों से जुड़ी समस्याओं को सुना गया। इसके बाद उन्हें संबंधित विभागों में जांच और कार्रवाई के लिए भेजा गया। भ्रष्टाचार और अफसरशाही पर बरसे बुजुर्ग मसौढ़ी से आए बुजुर्ग कृष्णा शर्मा ने कहा, ‘20 साल से पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को विकास के शिखर तक पहुंचाया है। उन्होंने विश्वास कर सम्राट जी को मुख्यमंत्री बनाया है। हम शुभकामना लेकर आए हैं कि वे सफल हों। पीएम मोदी और नीतीश जी के समन्वय, संरक्षण से और मार्गदर्शन से सम्राट जी आगे बढ़ें और समृद्ध बिहार के नीतीश जी के सपना को पूरा करें।’ भागलपुर के सुल्तानगंज से आए शंकर चौधरी ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि दबंग उनके पोखर से जबरन मछली पकड़ लेते हैं। विरोध करने पर उल्टा उन पर ही केस करवा देते हैं। पूर्णिया से आए महेंद्र ऋषि ने जमीन की धांधली का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि हर जिले में भू-माफिया सक्रिय हैं। हम लोग अलग-अलग जिलों से यहां पहुंचे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हमारी फरियाद सुनेंगे। झाड़ू-पोछा छोड़ गार्ड की नौकरी को तैयार- मीता देवी जनता दरबार में केवल शिकायतें ही नहीं, बल्कि रोजगार की उम्मीदें भी दिखीं। बाढ़ से आई मीता देवी ने मार्मिक अपील करते हुए कहा, ‘मैं मैट्रिक पास हूं और चाहती हूं कि सम्राट चौधरी जी मुझे कोई भी सम्मानजनक नौकरी दे दें। मैं गार्ड की नौकरी करने के लिए भी तैयार हूं।’ MSME और बकाया भुगतान का मुद्दा पटना के स्वामीनाथ गिरी अपनी एमएसएमई (MSME) यूनिट के बकाया भुगतान की समस्या लेकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि, ‘हमारी इंडस्ट्री का पैसा काफी समय से रुका हुआ है। सम्राट चौधरी जी अब हमारे बिहार के मुखिया हैं, हमें उम्मीद है कि वे इस आर्थिक समस्या का समाधान जरूर करेंगे।’ नए मुख्यमंत्री से हमें बहुत सारी उम्मीदें हैं- अनुराग पटना के अनुराग ने कहा कि, ‘सम्राट चौधरी जी हमारे नए मुख्यमंत्री है, उनसे हमें बहुत सारी उम्मीदें हैं। उनसे मिलने के लिए कई जगहों से लोग आए हुए हैं। कोई छपरा से, सहरसा से, कोई खगड़िया से आया हुआ है। इसका मतलब साफ है कि जनता में उत्साह है। यहां जो लोग अपनी जमीन, पुलिस प्रशासन या दूसरी समस्याएं लेकर पहुंचे थे उनसे सीएम के सचिव आवेदन लेकर उनकी सस्याओं को जान रहे थे, यह देखकर अच्छा लगा हमको।’

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